मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख जोसेफ विजय की संपत्ति की जांच की मांग करने वाली एक नई याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इसी तरह का एक मामला पहले से ही लंबित है, जिसके चलते इस नई याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती।
मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: विजय की संपत्ति जांच याचिका खारिज
मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख जोसेफ विजय की चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्ति की जांच की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 23 अप्रैल को संपन्न हुआ, जिसमें विजय ने चेन्नई के पेराम्बुर और त्रिची ईस्ट सीटों से चुनाव लड़ा था।
यह याचिका पेराम्बुर निर्वाचन क्षेत्र के निवासी वेंकटेश द्वारा दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि विजय ने पेराम्बुर के चुनाव अधिकारी को सौंपे गए नामांकन पत्रों में 32 करोड़ रुपये की आय छिपाई है। वेंकटेश ने हाईकोर्ट से आयकर विभाग को इस मामले में जांच के आदेश देने की मांग की थी।
याचिका में क्या थे आरोप?
याचिकाकर्ता वेंकटेश ने दावा किया कि TVK नेता विजय ने अपने नामांकन पत्र के ‘फॉर्म 26’ में कुछ वित्तीय लेनदेन का विवरण नहीं दिया है। इसमें उनकी पत्नी संगीता को दिए गए 12.6 करोड़ रुपये के ऋण और कोकिलाम्बाल एजुकेशनल ट्रस्ट को दिए गए 20 करोड़ रुपये का योगदान शामिल था।
याचिका में तर्क दिया गया था कि चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए अपनी आय, व्यय और देनदारियों का विवरण देना अनिवार्य है। इसलिए, जानबूझकर आय छिपाने के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
अदालत की टिप्पणी और आदेश
यह मामला मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया था। सुनवाई के दौरान, आयकर विभाग के वकील ने अदालत को सूचित किया कि जोसेफ विजय के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की संपत्ति छिपाने का आरोप लगाने वाला एक मामला पहले से ही अदालत में लंबित है।
इस जानकारी के बाद, पीठ ने कहा कि चूंकि उसी विषय पर एक मामला पहले से लंबित है, इसलिए वर्तमान याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके बाद अदालत ने याचिका को खारिज करने का आदेश जारी कर दिया।
