मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित व्यक्तियों के अंगदान या रक्तदान न कर पाने की धारणा पूरी तरह सही नहीं है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि डायबिटीज पूरी तरह नियंत्रित है और व्यक्ति स्वस्थ है, तो वे अंग, रक्त, और ऊतकों का दान करने के पात्र हो सकते हैं। आइए जानें कि डायबिटीज रोगियों के लिए अंगदान और रक्तदान से जुड़े दिशा-निर्देश क्या हैं।
डायबिटीज और अंगदान: भ्रांतियों से परे वास्तविकता
अक्सर लोगों में यह भ्रम रहता है कि डायबिटीज होने पर वे अंगदान नहीं कर सकते। हालांकि, भारत में अंगों की भारी कमी को देखते हुए विशेषज्ञ इसे प्रोत्साहित करते हैं। यदि डायबिटीज वेल-कंट्रोल्ड (सुव्यवस्थित) है, तो एक मधुमेह रोगी भी जीवन बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
डायबिटीज रोगी क्या दान कर सकते हैं?
डॉक्टरों के अनुसार, अंगदान की पात्रता पूरी तरह से व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और अंग के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है।
- अंगदान (मृत्यु के बाद): मधुमेह रोगी मृत्यु के बाद हृदय, लिवर, गुर्दे (किडनी), आंखें और त्वचा जैसे अंग दान कर सकते हैं, बशर्ते डायबिटीज के कारण वे अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त न हुए हों।
- अंगदान (जीवित रहते हुए): यदि टाइप 2 डायबिटीज के रोगी इंसुलिन पर निर्भर नहीं हैं और शुगर लेवल नियंत्रण में है, तो वे जीवित रहते हुए भी गुर्दा दान करने के पात्र हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए हर मामले का विस्तृत चिकित्सीय मूल्यांकन किया जाता है।
- अंग जो नहीं दान किए जा सकते: आम तौर पर, डायबिटीज से प्रभावित व्यक्ति का अग्न्याशय (पैंक्रियाज) दान के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है।
रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का नियंत्रण है जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक, अंग या रक्तदान के लिए शुगर लेवल का स्थिर होना अनिवार्य है। इसके लिए निम्नलिखित मापदंडों का सुझाव दिया गया है:
- फास्टिंग शुगर: 130 mg/dL से कम।
- पोस्ट-मील शुगर: 180 mg/dL से कम।
- HbA1c लेवल: 7% से नीचे होना चाहिए।
डॉक्टर आमतौर पर अंगदान पर विचार करने से पहले कम से कम तीन से छह महीने तक शुगर लेवल के स्थिर रहने का रिकॉर्ड देखते हैं।
जीवनशैली और सुझाव
सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय जीवनशैली में सुधार आवश्यक है। विशेषज्ञ संतुलित आहार अपनाने की सलाह देते हैं, जहाँ अधिकांश भोजन पोषक तत्वों से भरपूर हो और बहुत कम हिस्सा मनपसंद खाद्य पदार्थों का हो।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक रोगी की स्थिति भिन्न होती है। यदि आप अंगदान या रक्तदान का विचार कर रहे हैं, तो अपने एंडोक्रिनोलॉजिस्ट या ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
