केंद्र सरकार ने 9 जून को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए रियायती सिलेंडरों की संख्या घटाकर चार कर दी। अब लाभुकों को साल में केवल पहले चार रिफिल पर ही 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से मिलेगी।
उज्ज्वला योजना सब्सिडी में बड़ा बदलाव
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को केंद्र सरकार के फैसले के बाद झटका लगा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रियायती सिलेंडरों की संख्या घटाकर चार कर दी है।
अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत लाभुकों को साल में केवल पहले चार रिफिल पर ही 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे बैंक खाते में जमा की जाएगी।
9 से घटाकर 4 किए गए रियायती सिलेंडर
पहले उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में नौ रियायती एलपीजी सिलेंडर मिलते थे। सरकार ने इस संख्या को घटाकर चार कर दिया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, योजना से जुड़े एक सामान्य परिवार की औसत वार्षिक खपत लगभग चार रिफिल की होती है। मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खानूजा ने बताया कि नई पात्रता औसत घरेलू गैस खपत को ध्यान में रखकर तय की गई है।
2016 से अब तक घटता गया कोटा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था।
शुरुआत में लाभार्थियों को सालाना 12 रियायती 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर दिए जाते थे। बाद में यह संख्या घटाकर 9 कर दी गई और अब इसे चार कर दिया गया है।
मई 2022 में सरकार ने 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी शुरू की थी। अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 300 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया। यह सब्सिडी प्रत्येक रिफिल के बाद लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा होती है।
अब लाभार्थियों को कितना चुकाना होगा?
300 रुपये की सब्सिडी को शामिल करने के बाद उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले चार रिफिल के लिए प्रति सिलेंडर 642 रुपये का भुगतान करना होगा।
