ट्रैप में फंसा जूनियर इंजीनियर! 5 हजार की रिश्वत लेते एसीबी ने रंगेहाथ दबोचा, देवघर में हड़कंप

देवघर में एसीबी दुमका ने मनरेगा बिल भुगतान के बदले रिश्वत लेते जूनियर इंजीनियर संतोष प्रसाद को गिरफ्तार किया।

देवघर जिले के करौ प्रखंड में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 10 जून 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर संतोष प्रसाद को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मनरेगा योजना के फाइनल बिल भुगतान की स्वीकृति के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत पर की गई है।

एसीबी दुमका की टीम ने की बड़ी कार्रवाई

देवघर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। करौ प्रखंड के डिंडाकोली पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कार्यरत जूनियर इंजीनियर संतोष प्रसाद को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोचा गया है। भारत मंथन लाइव न्यूज (Bharat Manthan Live News) को मिली जानकारी के अनुसार, इस अचानक हुई गिरफ्तारी के बाद से पूरे देवघर प्रशासनिक महकमे और स्थानीय इलाके में हड़कंप मच गया है।

फाइनल बिल निकासी के एवज में मांगी थी रिश्वत

इस पूरे मामले की आधिकारिक शुरुआत डिंडाकोली गांव के रहने वाले 29 वर्षीय भीम कुमार राणा की शिकायत के बाद हुई। शिकायतकर्ता भीम कुमार राणा की निजी जमीन पर मनरेगा योजना के तहत ट्रेंच सह बांध निर्माण का कार्य स्वीकृत किया गया था। इस पूरी सरकारी योजना की कुल प्राक्कलित लागत 45,379 रुपये निर्धारित की गई थी।

सात हजार रुपये की हुई थी मांग

शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्हें इस योजना के तहत अब तक कुल 41,444 रुपये का आंशिक भुगतान मिल चुका था। हालांकि, योजना के कार्य का फाइनल बिल निकालने और बची हुई राशि के भुगतान की स्वीकृति देने के लिए जूनियर इंजीनियर संतोष प्रसाद द्वारा लगातार 7 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।

करौ प्रखंड के सरकारी आवास से हुई गिरफ्तारी

  • एसीबी से शिकायत: रिश्वत की रकम देने के बजाय भीम कुमार राणा ने पूरे मामले की लिखित शिकायत एसीबी दुमका से की।
  • जांच में पुष्टि: शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने आरोपों की गोपनीय जांच की, जिसमें जूनियर इंजीनियर पर लगे आरोप पूरी तरह सही पाए गए।
  • रंगेहाथ दबोचा: जाल बिछाकर कार्रवाई करते हुए 10 जून को करौ प्रखंड स्थित सरकारी आवास पर एसीबी की टीम ने संतोष प्रसाद को 5 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम आरोपी जूनियर इंजीनियर को अपने साथ ले गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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