रांची और देश के अन्य हिस्सों के रेल यात्रियों के लिए रेल मंत्रालय ने सख्त नियम लागू किए हैं। जन विश्वास अधिनियम के तहत 19 जून से बिना टिकट यात्रा, गलत श्रेणी में सफर और नियम उल्लंघन पर न्यूनतम जुर्माना बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी पर यात्रियों से भारी दंड वसूला जाएगा।
रेलवे का बड़ा फैसला: देश भर में लागू हुए नए दंडात्मक नियम, बिना टिकट सफर पर बढ़ा जुर्माना
रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब पहले से अधिक सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने, गलत टिकट का उपयोग करने अथवा अन्य रेलवे नियमों का पालन न करने पर यात्रियों को अब भारी जुर्माना देना होगा। ये नए कड़े प्रावधान 19 जून से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो चुके हैं।
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, रेल मंत्रालय द्वारा जारी गजट अधिसूचना के तहत ‘जन विश्वास अधिनियम’ के अंतर्गत रेलवे से जुड़े कई दंडात्मक प्रावधानों में बड़े संशोधन किए गए हैं। इस बदलाव के तहत सबसे मुख्य गाज बिना टिकट यात्रा करने वाले मुसाफिरों पर गिरी है। अब ट्रेनों में बिना टिकट या बिना वैध पास के यात्रा करते हुए पकड़े जाने पर न्यूनतम जुर्माने की राशि को 250 रुपये से सीधे बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।
गलत टिकट और दूसरी श्रेणी में सफर करने पर भी कड़ा रुख
नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई यात्री कम दूरी का टिकट लेकर लंबी दूरी की यात्रा तय करता है, गलत श्रेणी (क्लास) में सफर करता है या किसी अन्य गलत टिकट पर यात्रा करते हुए पाया जाता है, तो उसे कम से कम 500 रुपये का दंड भरना होगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई यात्री किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी किए गए टिकट का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो रेलवे द्वारा उसका टिकट तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही, वास्तविक किराये के साथ न्यूनतम 500 रुपये का जुर्माना भी वसूल किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इन कानूनी बदलावों का मुख्य उद्देश्य रेलवे को होने वाली राजस्व हानि को रोकना और आम यात्रियों के भीतर नियमों के प्रति जागरूकता एवं अनुशासन को बढ़ाना है। नए नियमों के अंतर्गत अब रेलवे परिसरों में होने वाली अवैध गतिविधियों और अनुशासनहीनता पर भी सुरक्षा बलों द्वारा कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
अन्य महत्वपूर्ण दंड प्रावधानों की सूची
संशोधित नियमों के तहत विभिन्न प्रकार के उल्लंघनों के लिए जुर्माने की राशि इस प्रकार निर्धारित की गई है:
- अवैध वेंडिंग: बिना लाइसेंस फेरी लगाने या सामान बेचने पर 2,000 रुपये तक जुर्माना लगेगा। दोबारा यही गलती करने पर यह राशि 5,000 रुपये तक पहुंच सकती है।
- भीख मांगना: रेलवे परिसर में भीख मांगने वालों को तत्काल प्रभाव से परिसर से बाहर किया जाएगा।
- महिला कोच में प्रवेश: महिला आरक्षित कोच में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- सीट खाली न करना: अपनी आरक्षित सीट खाली न करने पर 2,000 रुपये तक का दंड देना पड़ सकता है।
- धूम्रपान: रेलवे परिसर में धूम्रपान करते पाए जाने पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर यात्री का टिकट भी रद्द किया जा सकता है।
- संपत्ति को नुकसान: रेलवे संपत्ति या यात्री सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है।
- प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश: प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने पर मौके पर ही 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
- उपद्रव और नशा: नशे की हालत में अन्य सह-यात्रियों को परेशान करने वालों पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना या सामुदायिक सेवा की सजा दी जा सकती है।
- खतरनाक सामान: ट्रेन में खतरनाक या ज्वलनशील पदार्थ लेकर यात्रा करने वालों पर न्यूनतम 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और संबंधित यात्री को तत्काल ट्रेन से उतारने की कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से की सहयोग की अपील
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गजट अधिसूचना जारी होने के साथ ही ये सभी नए नियम तत्काल प्रभाव से अस्तित्व में आ चुके हैं। आने वाले दिनों में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर टिकट जांच अभियान को पहले से और अधिक सघन तथा व्यापक किया जाएगा। रेलवे ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर और सही श्रेणी में ही यात्रा करें, ताकि किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई या बढ़े हुए जुर्माने से बचा जा सके।
