रांची नगर निगम में नागरिकों को कतारों से राहत दिलाने के लिए चार वर्ष पूर्व शुरू किया गया टोकन मैनेजमेंट सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया है। बुधवार, 24 जून 2026 को निगम कार्यालय पहुंचे नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, होल्डिंग टैक्स और ट्रेड लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
रांची नगर निगम में चरमराई व्यवस्था, महीनों से बंद पड़ी है टोकन मशीन
रांची: रांची नगर निगम कार्यालय में आम जनता को भीड़भाड़ और लंबी कतारों से निजात दिलाने के उद्देश्य से स्थापित की गई आधुनिक व्यवस्था अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। नागरिकों की सुविधा के लिए चार साल पहले लागू किया गया टोकन मैनेजमेंट सिस्टम पिछले कई महीनों से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। इस अव्यवस्था की वजह से अपने दैनिक प्रशासनिक कार्यों के लिए निगम पहुंचने वाले स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि निगम कार्यालय के जन सुविधा केंद्रों पर लोगों को छोटे से छोटे काम को पूरा कराने के लिए भी कई-कई घंटों तक बैठकर अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा है।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और टैक्स काउंटरों पर लगी लंबी कतारें
रांची नगर निगम कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों लोग जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, होल्डिंग टैक्स जमा करने, ट्रेड लाइसेंस के नवीनीकरण और भवन का नक्शा स्वीकृत कराने जैसे आवश्यक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। पूर्व में सुचारू रूप से कार्य कर रहे टोकन सिस्टम के तहत लोगों को व्यवस्थित तरीके से उनकी बारी के अनुसार सेवा मिलती थी। इसमें डिस्प्ले बोर्ड पर नंबर प्रदर्शित होने के साथ ही ऑटोमेटेड अनाउंसमेंट भी की जाती थी, जिससे काउंटरों के सामने भीड़ नहीं लगती थी।
परंतु, वर्तमान में टोकन जारी करने वाली मशीन महीनों से खराब होने के कारण यह पूरी सुधारात्मक व्यवस्था ठप है। टोकन सिस्टम के प्रभावी संचालन के अभाव में अब जन सुविधा केंद्रों और विभिन्न काउंटरों पर सुबह से ही लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।
बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आए ग्रामीणों को सर्वाधिक परेशानी
निगम कार्यालय पहुंचे पीड़ित नागरिकों ने बताया कि टोकन नहीं मिलने के कारण उन्हें कतार में खड़े रहने या फिर लॉबी में बैठकर घंटों इंतजार करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस प्रशासनिक विफलता का सबसे गंभीर असर बुजुर्गों, महिलाओं और रांची के सुदूर ग्रामीण इलाकों से यात्रा करके आने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
भारत मंथन लाइव न्यूज के स्थानीय प्रतिनिधि के अनुसार, व्यवस्था ठप होने के बावजूद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा टोकन मशीनों को दुरुस्त कराने या इसके विकल्प के तौर पर कोई सुगम वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
