जयपुर में पैरामेडिकल डिप्लोमा परीक्षा में सामूहिक नकल का भंडाफोड़

जयपुर के प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में पैरामेडिकल परीक्षा में नकल रैकेट का भंडाफोड़ कर जांच करती पुलिस।

जयपुर के खोरा बीसल थाना क्षेत्र में सोमवार को पैरामेडिकल डिप्लोमा परीक्षा में बड़े पैमाने पर सामूहिक नकल कराने की साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। जयपुर पश्चिम पुलिस ने समय पर कार्रवाई करते हुए एक कॉलेज प्रशासक और उसके भतीजे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जयपुर के परीक्षा केंद्र पर पुलिस की छापेमारी, चार आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को पैरामेडिकल डिप्लोमा परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर सामूहिक नकल कराने के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। जयपुर (पश्चिम) जिले के खोरा बीसल थाना पुलिस ने समय रहते मिली गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इस पूरी साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस ने इस मामले में एक कॉलेज प्रशासक और उसके भतीजे सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामकृष्ण मंडीवाल (प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के प्रशासक), उनके भतीजे देवकृष्ण, कृष्ण कुमार सैनी और शंकरलाल जाट के रूप में हुई है। इनमें से कृष्ण कुमार और शंकरलाल मुकुंदगढ़ (झुंझुनू) स्थित एस करण कॉलेज के कर्मचारी हैं, जिन्हें इस परीक्षा केंद्र पर वीक्षक (इन्विजिलेटर) के रूप में तैनात किया जाना था।

लाखों रुपये की हुई थी डील, परीक्षार्थियों से वसूले गए थे पैसे

जयपुर (पश्चिम) के डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि राज्यभर के कई केंद्रों पर पैरामेडिकल परीक्षा का आयोजन किया जा रहा था। जयपुर का प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज भी इसके लिए एक निर्धारित परीक्षा केंद्र था। खोरा बीसल के थाना प्रभारी (SHO) सुरेंद्र चौधरी को सूचना मिली थी कि इस केंद्र पर बड़े पैमाने पर नकल कराने की योजना बनाई जा रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने छापेमारी की और चारों आरोपियों को दबोच लिया।

पुलिस तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि केंद्र पर परीक्षार्थियों को नकल की सुविधा प्रदान करने के लिए लाखों रुपये का सौदा तय किया गया था। इस योजना के तहत ड्यूटी पर तैनात वीक्षकों के माध्यम से परीक्षार्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया जाना था।

झुंझुनू के कॉलेज स्टाफ ने रची थी पूरी साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरी धोखाधड़ी और साजिश का ताना-बाना मुकुंदगढ़ (झुंझुनू) के एस करण कॉलेज के स्टाफ द्वारा बुना गया था। इस कॉलेज के प्रथम वर्ष के कई छात्र पूर्व में अनुत्तीर्ण (फेल) हो गए थे। उन्हें इस परीक्षा में पास कराने के उद्देश्य से कॉलेज स्टाफ ने परीक्षा केंद्र (प्रभादेवी मेमोरियल कॉलेज) के प्रबंधन के साथ सांठगांठ की ताकि सामूहिक नकल का आयोजन किया जा सके।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस को कागज की रफ पर्चियां मिली हैं, जिन पर उन छात्रों के नाम लिखे हुए थे जिन्हें इस नकल योजना का लाभ पहुंचाया जाना था। पुलिस इस मामले में आगामी तीन दिनों तक विस्तृत जांच जारी रखेगी। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी को भी इस पूरे घटनाक्रम से अवगत करा दिया गया है, जिसके बाद केंद्र पर स्वतंत्र वीक्षकों की तैनाती की गई है। इस मामले की हर विश्वसनीय अपडेट के लिए भारत मंथन लाइव न्यूज (Bharat Manthan Live News) से जुड़े रहें।

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