जमशेदपुर हिमांशु हत्याकांड: पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार

जमशेदपुर पुलिस ने हिमांशु सिंह हत्याकांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार और तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया।

जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार के बाहर हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। 27 जून की रात हुए इस विवाद में धारदार हथियार से हमले के बाद हिमांशु की मौत हो गई थी।

जमशेदपुर में हिमांशु सिंह हत्याकांड में एसआईटी की बड़ी कार्रवाई

जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के डीडी बार के बाहर हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में विशेष जांच दल (SIT) ने कार्रवाई तेज कर दी है। भारत मंथन लाइव न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में अब तक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही वारदात में शामिल रहे तीन विधि-विरुद्ध बालकों (नाबालिगों) को भी हिरासत में लिया गया है।

पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। घटना के बाद से फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।


27 जून की रात डीडी बार के बाहर हुआ था विवाद

पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरी घटना 27 जून की रात करीब साढ़े 11 बजे की है। डीडी बार के बाहर किसी बात को लेकर हिमांशु सिंह, प्रत्युष सिंह और दूसरे पक्ष के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर विशाल लोहरा उर्फ बेंदा, सोनू राम सरदार और उनके साथियों ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया।

इस हमले में हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई, जबकि घायल प्रत्युष सिंह का इलाज वर्तमान में जारी है।


सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से मिले सुराग

हत्याकांड के खुलासे के लिए गठित एसआईटी ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं को आधार बनाकर कई जगहों पर छापेमारी की। इस सघन अभियान के दौरान पुलिस ने सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। हिरासत में लिए गए तीन नाबालिगों से भी पूछताछ की जा रही है।

जांच टीम ने वारदात स्थल और आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें वारदात में इस्तेमाल की गई एक कुल्हाड़ी, खून के नमूने, आरोपियों की चप्पल, सीसीटीवी फुटेज, एक मोटरसाइकिल और तीन अन्य वाहन शामिल हैं। पुलिस इन सभी जब्त साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराएगी।


पुलिस टीम से धक्का-मुक्की, अलग से प्राथमिकी दर्ज

कार्रवाई के दौरान पुलिस को विरोध का सामना भी करना पड़ा। पुलिस ने बताया कि जब टीम आरोपियों को पकड़ने गई, तो कुछ लोगों ने गिरफ्तार आरोपियों को छुड़ाने का प्रयास किया। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की की।

सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने के इस कृत्य को लेकर पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ अलग से एक प्राथमिकी दर्ज की है। वर्तमान में एसआईटी फरार आरोपियों की तलाश में झारखंड के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी छापेमारी कर रही है।

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