कॉमरेड परमेश्वर सिंह मुण्डा के शहादत दिवस पर भाकपा माले की रैली

बुंडू में कॉमरेड परमेश्वर सिंह मुण्डा के शहादत दिवस पर भाकपा माले कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली गई रैली।

बुंडू में शनिवार को शहीद कॉमरेड परमेश्वर सिंह मुण्डा के 37वें शहादत दिवस पर भाकपा (माले) द्वारा रैली और संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हुमटा तथा कॉलेज मोड़ स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर आवाज बुलंद की।

बुंडू में भाकपा माले ने निकाला मार्च: प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

बुंडू: शहीद कॉमरेड परमेश्वर सिंह मुण्डा के 37वें शहादत दिवस के अवसर पर शनिवार को भाकपा (माले) की ओर से बुंडू में एक भव्य रैली एवं संकल्प सभा का आयोजन किया गया। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुमटा और कॉलेज मोड़ स्थित कॉमरेड परमेश्वर सिंह मुण्डा की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ हुई। मौके पर मौजूद सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

माल्यार्पण कार्यक्रम की समाप्ति के बाद बुंडू के कॉलेज मोड़ से एक विशाल रैली निकाली गई। इस रैली में शामिल पार्टी कार्यकर्ताओं ने कॉमरेड परमेश्वर सिंह मुण्डा की याद में नारे लगाए और विभिन्न सामाजिक व जनसरोकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

जनसरोकारों और स्थानीय मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी

रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा पत्र लीक (पेपर लीक) मामले में सरकार की जवाबदेही तय करने, पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को तत्काल वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर रायसा जलाशय निर्माण से जुड़े कथित फर्जी ग्रामसभा के आयोजन का कड़ा विरोध किया गया। भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में ग्रामसभा को अधिक मजबूत और अधिकार संपन्न बनाने को लेकर भी जोरदार नारेबाजी की।

संवैधानिक अधिकारों और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का संकल्प

रैली के बाद आयोजित संकल्प सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि वर्तमान समय में देश के संसाधनों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनएकजुटता की अत्यधिक आवश्यकता है। वहीं, रांची ग्रामीण सचिव जगमोहन महतो ने पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और ईंधन नीति को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। नेता संतोष मुण्डा ने आदिवासी समाज की आंतरिक एकता को बनाए रखने और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करने का आह्वान किया।

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