जमशेदपुर के बिष्टुपुर में शनिवार को विधायक सरयू राय की उपस्थिति में हुई जदयू और मानगो जनसुविधा समिति की बैठक में मानगो नगर निगम के खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया गया। विकास योजनाओं में देरी, बदहाल सफाई व्यवस्था और बाढ़ सुरक्षा कार्यों की उदासीनता के विरोध में कार्यकर्ताओं ने 27 जुलाई को निगम कार्यालय के समक्ष धरने का ऐलान किया है।
मानगो नगर निगम के खिलाफ जदयू ने खोला मोर्चा, विधायक सरयू राय की मौजूदगी में रणनीति तैयार
झारखंड के जमशेदपुर से एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। मानगो नगर निगम की कार्यशैली और कथित उदासीनता से नाराज जनता दल (यूनाइटेड) ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय की विशेष उपस्थिति में बिष्टुपुर स्थित कार्यालय में जदयू कार्यकर्ताओं और मानगो जनसुविधा समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि क्षेत्र की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही अत्यधिक देरी, साफ-सफाई व्यवस्था की बदहाली तथा जनहित के विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर नगर निगम प्रशासन के ढुलमुल रवैए के विरोध में आगामी 27 जुलाई को मानगो नगर निगम कार्यालय के समीप एक विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जदयू नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस सांकेतिक धरने के बाद भी धरातल पर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन का मार्ग अपनाया जाएगा।
करोड़ों रुपये की 38 विकास योजनाएं धरातल पर लंबित
आयोजित बैठक के दौरान मानगो नगर निगम क्षेत्र में लंबे समय से लंबित पड़ी विकास योजनाओं को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। आंकड़ों के साथ जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान में निगम क्षेत्र के अंतर्गत कुल 12,13,19,117 रुपये की भारी-भरकम लागत वाली कुल 38 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी तरह से लंबित पड़ा हुआ है।
इन लंबित कार्यों का विवरण इस प्रकार प्रस्तुत किया गया:
- 32 विकास योजनाएं: कुल 3,53,32,680 रुपये की लागत वाली इन 32 योजनाओं का शिलान्यास 29 दिसंबर 2025 को ही संपन्न हो चुका था।
- 2 प्रमुख सड़क योजनाएं: कुल 6,73,16,300 रुपये की लागत वाली इन दो मुख्य सड़कों का शिलान्यास भी 14 अप्रैल 2026 को किया जा चुका है।
- 4 बड़े नाले: मानगो क्षेत्र को जलजमाव और बाढ़ से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 2,44,67,800 रुपये की लागत से चार बड़े नालों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 20 अप्रैल 2026 को आधिकारिक निविदा (टेंडर) प्रकाशित की गई थी।
बैठक में वक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि निविदा की सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं ससमय पूरी होने और संबंधित संवेदकों (ठेकेदारों) की बहाली तय होने के बावजूद आज तक धरातल पर एक भी कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है।
बरसात में बाढ़ की समस्या और प्रशासनिक लापरवाही पर चिंता
बैठक में देशबंधु लाइन, नित्यानंद कॉलोनी और उसके आसपास के रिहायशी इलाकों में हर वर्ष वर्षा ऋतु के दौरान उत्पन्न होने वाली भयावह बाढ़ की समस्या पर भी गंभीर मंथन किया गया। नेताओं ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष स्थानीय नागरिकों के बार-बार आग्रह करने पर स्वयं विधायक सरयू राय घुटने भर पानी में उतरकर मानगो नगर निगम के तत्कालीन उप नगर आयुक्त के साथ पूरे प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
इस निरीक्षण के उपरांत विधायक सरयू राय ने स्वयं नगर विकास विभाग को चार बड़े नालों के निर्माण की त्वरित अनुशंसा भेजी थी तथा विभाग के मंत्री व सचिव से सीधे बातचीत कर इस पूरी योजना को विशेष प्रशासनिक स्वीकृति दिलाई थी। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप 2,44,67,800 रुपये की लागत से बनने वाले इन चार नालों की निविदा 20 अप्रैल 2026 को जारी की गई थी।
नियमतः इन नालों का निर्माण कार्य वर्तमान बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही पूरा कर लिया जाना था, ताकि नित्यानंद कॉलोनी, देशबंधु लाइन और आसपास के हजारों स्थानीय निवासियों को इस बार जलजमाव व बाढ़ की विभीषिका से स्थायी राहत मिल सके। परंतु, विडंबना यह रही कि संपूर्ण निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने और संवेदकों की आधिकारिक नियुक्ति के बाद भी आज तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका, जिसके लिए पूरी तरह से निगम प्रशासन जिम्मेदार है।
