लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित केड पंचायत सचिवालय में आयोजित एक दिवसीय विशेष शिविर के दौरान परिवहन विभाग ने 254 ग्रामीणों के लर्निंग लाइसेंस बनाए। झारखंड परिवहन विभाग के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में लोगों को लाइसेंस बनाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया गया।
लातेहार में परिवहन विभाग का विशेष लर्निंग लाइसेंस शिविर
ग्रामीणों को परिवहन विभाग की सरकारी सेवाएं उनके अपने गांव तक आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत केड पंचायत सचिवालय में एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस अभियान के माध्यम से कुल 254 ग्रामीणों के लर्निंग लाइसेंस मौके पर ही बनाए गए, जिससे उन्हें जिला मुख्यालय जाने की परेशानी से राहत मिली।
यह शिविर झारखंड परिवहन विभाग के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया था। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण इलाकों के अधिक से अधिक निवासियों को त्वरित रूप से लर्निंग और ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा प्रदान करना तथा उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति शिक्षित करना है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मुखियाओं ने निभाई सक्रिय भूमिका
विशेष अभियान के संचालन में पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सराहनीय योगदान रहा। स्थानीय मुखियाओं ने ग्रामीणों को वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया। जनप्रतिनिधियों की इस पहल के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर स्थल पर पहुंचे और सेवा का लाभ उठाया।
जिला परिवहन पदाधिकारी के दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और नियमों की जानकारी दी गई। शिविर में हिट एंड रन कानून, गुड सेमेरिटन (नेक मददगार) योजना और सुरक्षित वाहन संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
भविष्य में भी नियमित कैंप लगाने की मांग
इस एक दिवसीय शिविर को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में जिला परिवहन कार्यालय के कर्मियों पंकज कुमार सिन्हा, दिनेश लोहरा और अभिषेक कुमार ने तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने परिवहन विभाग की इस पहल की काफी सराहना की। इसके साथ ही ग्रामीणों ने मांग रखी कि ऐसे शिविरों का आयोजन भविष्य में भी नियमित रूप से पंचायतों में किया जाए, ताकि आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
