झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धनबाद की दो महिलाओं, षष्ठी देवी और जोनाकी दत्ता से ऑनलाइन संवाद कर ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया का फीडबैक लिया। इस दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन ने कलेक्ट्रेट परिसर में 15 आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस सौंपे और नागरिकों से यातायात नियमों व सड़क सुरक्षा का पालन करने की अपील की।
सीएम हेमंत सोरेन ने धनबाद की महिलाओं से लिया ड्राइविंग लाइसेंस का फीडबैक
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परिवहन विभाग एवं टाटा मोटर्स के बीच इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग, ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) की स्थापना के लिए आयोजित एमओयू कार्यक्रम के दौरान धनबाद की दो महिलाओं से ऑनलाइन सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने धनबाद निवासी षष्ठी देवी और जोनाकी दत्ता से ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में फीडबैक लिया।
दोनों महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें बिना किसी परेशानी के और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त हुआ है।
डीसी आदित्य रंजन ने 15 आवेदकों को सौंपे ड्राइविंग लाइसेंस
एमओयू कार्यक्रम के पश्चात धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने जिले के 15 आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस केवल वाहन चलाने की अनुमति पत्र नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण पहचान-पत्र भी है।
उपायुक्त ने पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत आवेदकों को लाइसेंस उपलब्ध कराने की दिशा में परिवहन विभाग के प्रयासों की सराहना की।
सड़क सुरक्षा और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर अपील
समारोह के दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन ने युवाओं और अभिभावकों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन न चलाए और अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन चलाने की अनुमति न दें।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करना प्रत्येक नागरिक की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है।
