भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के धंसने के मामले में निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को लापरवाही के लिए नोटिस जारी किया है। एनएचएआई ने कंपनी पर जुर्माना लगाने, भविष्य की निविदाओं से प्रतिबंधित करने और मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल वसूली रोकने का फैसला किया है।
Kanpur-Lucknow Expressway Subsidence: NHAI Initiates Action Against Construction Company For ‘Negligence’
लखनऊ: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पिछले महीने सड़क धंसने की घटना के बाद निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को नोटिस जारी किया है। एनएचएआई ने गंभीर लापरवाही का हवाला देते हुए कंपनी को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने का प्रस्ताव दिया है।
मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली पर रोक
एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) और क्षेत्रीय अधिकारी विशाल गौतम ने जानकारी दी कि एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य पूरा होने तक यात्रियों से कोई टोल नहीं वसूला जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रभावित स्थल पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है और निर्माण में पाई गई खामियों के लिए जिम्मेदार सभी पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई है।
कंपनी पर भारी जुर्माना और बैन की तैयारी
एनएचएआई ने लापरवाही के लिए निर्माण कंपनी पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही ‘हेड ऑफ पेवमेंट’ और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों को तीन साल तक के लिए प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया चल रही है। कंपनी को अपने खर्च पर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करनी होगी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3 करोड़ रुपये है।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी गिरी गाज
एनएचएआई ने परियोजना की निगरानी और देखरेख में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की है। निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को हटा दिया गया है। इन अधिकारियों को एनएचएआई और सड़क परिवहन मंत्रालय के प्रोजेक्ट्स से दो साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा वर्तमान प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा और पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया को आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी किया जा रहा है।
