गुजरात के गांधीनगर में आयोजित तीन दिवसीय ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF) में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में 6 से 8 अगस्त तक राज्य का 100 वर्ग मीटर में बना आकर्षक पवेलियन देशभर के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा।
गांधीनगर TTF में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का भव्य प्रदर्शन
गुजरात के गांधीनगर में आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और समृद्ध संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने मेले में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की।
कार्यक्रम में पहुंचे देशभर के पर्यटन विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक स्थलों और जनजातीय परंपराओं की सराहना की। इस भागीदारी का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करना है।
100 वर्ग मीटर में तैयार कलात्मक पवेलियन
टूरिज्म बोर्ड ने मेले में 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में एक कलात्मक और भव्य पवेलियन का निर्माण किया था। इस पवेलियन में राज्य के प्रमुख जलप्रपातों, प्राचीन मंदिरों, घने वनों, जनजातीय संस्कृति और एडवेंचर स्पॉट्स को प्रदर्शित किया गया।
इस आयोजन में टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीकृत 26 निजी ट्रैवल एजेंट और होटल व्यवसायी भी शामिल हुए। इस व्यवस्था ने राज्य के स्थानीय पर्यटन उद्योग को देश के प्रमुख ट्रैवल ऑपरेटर्स के साथ सीधे बी2बी (B2B) संवाद करने और नए व्यावसायिक अवसर बनाने का सीधा मंच प्रदान किया।
नए टूर पैकेज और व्यावसायिक साझेदारी में बढ़ी रुचि
छत्तीसगढ़ की प्रस्तुति से प्रभावित होकर कई नए ट्रैवल एजेंट्स और टूर ऑपरेटर्स ने राज्य के पर्यटन स्थलों के लिए टूर पैकेज बनाने में रुचि दिखाई है। इसके अलावा, कई टूर व्यवसायियों ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ एम्पैनलमेंट (पंजीयन) कराने की इच्छा जताई।
इस राष्ट्रीय मेले में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और गुजरात टूरिज्म के अलावा राजस्थान, गोवा, केरल, ओडिशा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने भाग लिया। इस बड़े मंच पर छत्तीसगढ़ की सक्रियता ने राज्य को एक सुरक्षित और विविध पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।
स्थानीय विकास और रोजगार को बढ़ावा
राज्य सरकार का मुख्य ध्यान बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्रों के प्राकृतिक सौंदर्य को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करना है। राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, हस्तशिल्प और होटल उद्योग को भी सीधा बल मिलेगा।
