छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में अप्रैल 2024 के सफल नक्सल विरोधी अभियान में अद्भुत साहस दिखाने वाले सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 20 जवानों को स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर वीरता पदक (Medal for Gallantry) से सम्मानित किया गया है। 94वीं बटालियन के इन जवानों ने जिला रिजर्व गार्ड के साथ मिलकर 29 नक्सलियों को ढेर किया था।
कांकेर में सफल ऑपरेशन के लिए बीएसएफ जवानों को मिला सम्मान
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में आयोजित एक ऐतिहासिक अभियान के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 20 साहसी जवानों को वीरता पदक प्रदान किया गया है। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार द्वारा इन सम्मानों की घोषणा की गई।
94वीं बटालियन की साहसिक कार्रवाई
वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी 20 जवान बीएसएफ की 94वीं बटालियन से संबंधित हैं। इन जवानों ने 15 और 16 अप्रैल 2024 को छत्तीसगढ़ पुलिस की जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के साथ मिलकर इस संयुक्त अभियान को अंजाम दिया था।
यह पूरी कार्रवाई कांकेर जिले के बिनागुंडा और कलपार गांवों के आसपास के क्षेत्रों में की गई थी, जो लंबे समय से माओवादी हिंसा से गंभीर रूप से प्रभावित रहे हैं।
29 हार्डकोर नक्सली हुए थे ढेर
बीएसएफ के अनुसार, इस सटीक और सुनियोजित सैन्य अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने 29 कट्टर नक्सलियों को मार गिराया था। मुठभेड़ के बाद मौके से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया था। जवानों के इसी अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को मान्यता देते हुए वीरता पदक से नवाजा गया है।
कुल 67 पुरस्कारों की घोषणा
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सीमा सुरक्षा बल के कुल 67 अधिकारियों और जवानों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया है:
- वीरता पदक (Medal for Gallantry): 20 जवान
- विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM): 05 अधिकारी/जवान
- सराहनीय सेवा पदक (MSM): 42 अधिकारी/जवान
बीएसएफ का मुख्य दायित्व पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करना है। इसके साथ ही यह बल देश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उग्रवाद विरोधी अभियानों में भी प्रमुख भूमिका निभाता है।
