मध्य प्रदेश सरकार भोपाल और रायपुर के बीच एक नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण की योजना पर काम कर रही है। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर भोपाल से शुरू होकर सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला होते हुए छत्तीसगढ़ के कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा के रास्ते रायपुर से जुड़ेगा।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए भोपाल-रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की योजना पर काम किया जा रहा है। इस पूरी परियोजना पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया गया है।
भोपाल से रायपुर तक प्रस्तावित रूट प्रस्तावित कॉरिडोर मध्य प्रदेश के भोपाल से शुरू होकर सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला होते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा तक जाएगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ में इस मार्ग को कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा के रास्ते सीधे राजधानी रायपुर से जोड़ने की योजना है।
सफर के समय में होगी बड़ी बचत वर्तमान में भोपाल और रायपुर के बीच सड़क मार्ग से यात्रा करने में लगभग 15 से 16 घंटे का समय लगता है। नया कॉरिडोर तैयार होने के बाद यात्रा के समय में काफी कमी आएगी। इसके अलावा, रायपुर से जबलपुर के बीच की दूरी भी 8 घंटे से कम समय में पूरी होने की संभावना जताई गई है।
जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा तक सिक्सलेन सड़क परियोजना के तहत जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा तक मौजूदा सड़क को सिक्सलेन करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके तहत खास तौर पर चिल्फी घाट वाले हिस्से को सिक्सलेन बनाया जाएगा, जिस पर लगभग 2,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात सुगम बनेगा।
व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा इस नए कॉरिडोर के बनने से दोनों राज्यों के बीच माल परिवहन तेज और आसान हो जाएगा। साथ ही, रायपुर और आसपास के क्षेत्रों से मध्य प्रदेश के कान्हा-किसली जाने वाले पर्यटकों और छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। वर्तमान में परियोजना की डीपीआर (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।
