दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली दवा और चिकित्सा उपकरण खरीद घोटाले की आरोपी और पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल को चार हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें 1 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर रिहा करने का आदेश जारी किया है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली दवा और चिकित्सा उपकरण खरीद घोटाले में आरोपी राज्य की पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल को चार हफ्ते की अंतरिम जमानत मंजूर की है। विशेष न्यायाधीश विद्या प्रकाश की अदालत ने मंगलवार को उन्हें 1 लाख रुपये के निजी मुचलके और दो समान राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया।
सह-आरोपी की जमानत याचिका खारिज इससे पहले 17 अगस्त को अदालत ने इस मामले के एक अन्य आरोपी डॉ. विनोद कुमार रंगा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। दोनों आरोपियों को दिल्ली भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में लगभग 700 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
अदालत में वकीलों की दलीलें सुनवाई के दौरान डॉ. वत्सला अग्रवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने तर्क दिया कि वह पिछले 40 दिनों से जेल में हैं और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. अग्रवाल से कोई बरामदगी नहीं हुई है। वहीं, 54 दिनों से हिरासत में बंद आरोपी डॉ. विनोद कुमार रंगा के वकील विजय विश्नोई ने भी अंतरिम जमानत की मांग की, लेकिन अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया।
700 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने 2 जून को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय और दिल्ली सरकार की केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) द्वारा दवाओं, सर्जिकल सामग्रियों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में लगभग 700 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है।
