झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के विरोध में हजारीबाग के गांधी मैदान में प्रदर्शन कर रहे JPSC और JSSC अभ्यर्थियों पर प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर कोर्रा थाने में 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गांधी मैदान कांड में प्रशासन की सख्त कार्रवाई
झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार जारी है। इसी क्रम में हजारीबाग के गांधी मैदान में मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने पहुंचे JPSC और JSSC छात्रों पर पुलिस प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। कोर्रा थाने में लगभग 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है, जिसके बाद से प्रदर्शनकारियों में हड़कंप का माहौल है।
मजिस्ट्रेट के बयान के आधार पर दर्ज हुआ केस
इस पूरी कानूनी कार्रवाई का आधार मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट के बयान को बनाया गया है। मजिस्ट्रेट की लिखित शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि भीड़ में कौन-कौन से लोग मुख्य रूप से शामिल थे और किसकी वजह से मैदान में शांति व्यवस्था भंग हुई।
वीडियो फुटेज से की जा रही उपद्रवियों की पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब उपद्रवियों की पहचान में जुट गई है। घटना के समय गांधी मैदान में मौजूद करीब 200 लोगों की शिनाख्त करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम घटना के दिन की वीडियो फुटेज, मोबाइल क्लिप्स और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि चिन्हित चेहरों के आधार पर आरोपियों की सीधी गिरफ्तारी की जाएगी।
पुतला दहन के दौरान भड़का था विवाद
यह पूरा मामला JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के विरोध से जुड़ा है। छात्रों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गांधी मैदान में पुतला दहन का ऐलान किया था। जब छात्र इकट्ठा हुए तो पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान सत्ताधारी दल के समर्थकों के पहुंचने और छात्रों के साथ झड़प होने के आरोप भी सामने आए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
