झारखंड के गिरिडीह में शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के खिलाफ छात्रों और भाजपा नेताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। झंडा मैदान, अंबेडकर चौक और मुफ्फसिल थाने के बाहर पुतला दहन किया गया। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्टेडियम पहुंचाया।
झंडा मैदान में पुलिस को चकमा देकर फूंका पुतला
गिरिडीह में शनिवार को राज्य सरकार के खिलाफ राजनीतिक हलचल और छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। झंडा मैदान में पुलिस बल की तैनाती के बावजूद छात्रों और भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया।
पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास कर रही थी, लेकिन छात्रों ने सुरक्षा घेरे को छकाते हुए पुतले को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद शहर के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन की प्रक्रिया शुरू हो गई।
अंबेडकर चौक पर घेराबंदी और जोरदार नारेबाजी
झंडा मैदान से बाहर निकलने के बाद प्रदर्शनकारियों को सदर एसडीएम धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने अंबेडकर चौक पर घेर लिया। पुलिस घेराबंदी के बीच महानगर अध्यक्ष रंजीत राय, महादेव दुबे, विनीता कुमारी, दिलीप वर्मा, सुनील पासवान, अरविंद बरनवाल, रामबाबू साहू, नवीन सिन्हा और जयशंकर सिन्हा सहित कई नेताओं व छात्रों ने नारेबाजी की।
सड़क पर सरकार और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शनकारियों को किया गया डिटेन, थाने के बाहर प्रदर्शन
बढ़ते हंगामे को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई भाजपा नेताओं और छात्रों को डिटेन कर गिरिडीह स्टेडियम भेज दिया। स्टेडियम परिसर में भी हिरासत में लिए गए लोगों ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा।
इसके बाद प्रदर्शनकारी लगभग तीन किलोमीटर पैदल मार्च निकालते हुए मुफ्फसिल थाने पहुंचे और थाने के बाहर दोबारा पुतला दहन किया। छात्रों के एक अन्य समूह ने मधुबन बेजिस रोड में भी पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें न पूरी होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
