नेपाल में 26 अगस्त को आए हिमस्खलन के बाद उत्पन्न हुई विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,344 हो गई है, जबकि करीब 5,000 लोग अभी भी लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान नुवाकोट के मलबे से 60 वर्षीय महिला को 10 दिन बाद सुरक्षित निकाला गया है।
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, अब तक 1,344 शव बरामद
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक तबाही के बाद शनिवार को प्रभावित इलाकों से कई अन्य शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही इस आपदा में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,344 तक पहुँच गई है। देश भर में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।
5,000 लोग अब भी लापता, विदेशी नागरिक भी शामिल
रेस्क्यू टीमें लगभग 5,000 लापता लोगों की तलाश में दिन-रात जुटी हुई हैं, जिनमें कम से कम 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं। हालांकि, राहत एवं बचाव अभियानों के माध्यम से अब तक 13,000 से अधिक प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।
नुवाकोट में चमत्कार: 10 दिन बाद मलबे से जीवित निकाली गई महिला
बचाव अभियान के दौरान नुवाकोट जिले के बिदुर शहर से राहत भरी खबर आई, जहाँ मलबे में दबे चार मंजिला मकान से 60 वर्षीय महिला चंडिका श्रेष्ठा को 10 दिन बाद सुरक्षित निकाला गया। सशस्त्र पुलिस बल ने उन्हें बेहोशी की हालत में रेस्क्यू कर तुरंत नेपाली सेना के बैरक में इलाज के लिए भर्ती कराया।
26 अगस्त के हिमस्खलन से तबाही, तिब्बत और चीन तक असर
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हुए भीषण हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी में उफान आ गया था, जिससे उत्तरी और मध्य नेपाल के कई शहर और गाँव तबाह हो गए। इस आपदा का असर सीमा पार भी पड़ा है, जहाँ चीन में 21 लोगों की मौत हुई है और तिब्बत में 500 से अधिक लोग लापता हैं।
शवों की पहचान में आ रही चुनौतियाँ
बरामद शवों में 758 वयस्क और 85 बच्चे शामिल हैं, जबकि 501 शव अत्यधिक क्षत-विक्षत स्थिति में मिले हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार सबसे अधिक 360 शव चितवन जिले से मिले हैं। डीएनए सैंपल लेने के पश्चात 1,030 शवों को अस्थाई रूप से दफनाया गया है, जबकि 96 शव परिजनों को सौंपे गए हैं।
सुरंगों में फंसे सैकड़ों लोग, भारत और चीन की टीमें राहत कार्य में जुटीं
जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें नेपाली सेना के साथ मिलकर बचाव कार्य में लगी हैं। भारतीय सुरंग बचाव टीम ने रसुवा जिले की चिलिमे सुरंग के अंदर भारी मशीनें ले जाने के लिए अस्थाई रास्ता तैयार कर लिया है। प्रशासन द्वारा कोशी, नारायणी और बागमती जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। भारत मंथन लाइव न्यूज इस आपदा से जुड़ी हर प्रामाणिक जानकारी आप तक पहुँचाता रहेगा।
