बिहार के पूर्णिया जिले के मरंगा थाना क्षेत्र स्थित चापय गांव में 18 वर्षीय रिया गोस्वामी द्वारा दलित समाज के मिलन पासवान से अंतरजातीय विवाह करने पर परिजनों ने उसका पुतला बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। कोर्ट में लड़की द्वारा पति के साथ रहने के बयान के बाद पंचायत के फैसले और सामाजिक बहिष्कार के डर से परिजनों ने यह कदम उठाया।
पूर्णिया के चापय गांव में सामने आया अंतरजातीय विवाह का अनोखा मामला
बिहार के पूर्णिया जिले के मरंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगेली पंचायत के चापय गांव में एक अनूठी और दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ की निवासी 18 वर्षीय रिया गोस्वामी ने अपनी पसंद से गांव के ही 23 वर्षीय मिलन पासवान से अंतरजातीय विवाह कर लिया। लड़की के इस कदम से नाराज परिजनों ने जीवित बेटी का पुतला बनाकर उसकी अर्थी सजाई, शव यात्रा निकाली और बाकायदा अंतिम संस्कार संपन्न किया।
ब्राह्मण समाज की रिया और पासवान समुदाय के मिलन के बीच प्रेम संबंध तब शुरू हुआ जब युवक का उसके घर आना-जाना होता था। मिलन रिया के भाई का अच्छा मित्र था। 9 सितंबर 2026 को दोनों ने पूर्णिया कोर्ट में प्रेम विवाह कर लिया। इसके बाद रिया बिना बताए अपने ससुराल चली गई।
पुलिस और अदालत में दर्ज हुआ बयान
बेटी के अचानक लापता होने पर परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवती को बरामद किया और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत अदालत में उसका बयान दर्ज कराया।
अदालत में रिया ने स्पष्ट किया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से अपने पति मिलन पासवान के साथ रहना चाहती है। कोर्ट के इस बयान के बाद वह अपने ससुराल चली गई।
पंचायत की बैठक और सामाजिक बहिष्कार का डर
विवाह के बाद चापय गांव में ग्रामीणों ने एक पंचायत बुलाई, जिसमें लड़के पक्ष से लड़की को वापस लौटाने को कहा गया। हालांकि, कोर्ट के रुख के बाद परिजनों ने समाज के नियमों का हवाला देते हुए कड़ा कदम उठाया।
लड़की के दादा राजाराम गोस्वामी ने बताया कि उनके समाज में दूसरे वर्ग में शादी करने पर पानी तक पीना वर्जित माना जाता है। उन्होंने कहा कि समाज और गांव में रहने के लिए उन्हें यह कठोर निर्णय लेना पड़ा, अन्यथा उन्हें गांव छोड़ना पड़ता। पूरे गांव में ढिंढोरा पिटवाकर परिजनों ने घोषणा की कि उनकी बेटी अब उनके लिए मर चुकी है।
