नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली में ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान NGT Mobile App लॉन्च किया। 19 और 20 सितंबर को राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने भारत की सौर ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण में उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने लॉन्च किया NGT Mobile App
नई दिल्ली में आयोजित ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) का आधिकारिक मोबाइल ऐप लॉन्च किया। राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा 19 और 20 सितंबर को आयोजित यह सम्मेलन पर्यावरण से जुड़े मामलों की सुनवाई और उनके त्वरित निपटारे के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
NGT Mobile App से मिलेगी केस स्टेटस और ऑर्डर की डिजिटल सुविधा
लॉन्च किए गए NGT Mobile App के जरिए अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे मोबाइल पर उपलब्ध होगी। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपयोगकर्ता केस स्टेटस, कॉज लिस्ट और मामलों से संबंधित ऑर्डर या जजमेंट आसानी से देख सकेंगे।
इस ऐप की सुविधा के बाद अब उपयोगकर्ताओं को NGT में चल रहे किसी भी मामले की स्थिति या जारी आदेशों की जानकारी प्राप्त करने के लिए बार-बार वेबसाइट देखने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा क्षमता में भारत की प्रगति
ऐप लॉन्च के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण, सौर ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा तथा कार्बन उत्सर्जन को लेकर भारत की प्रमुख पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर भारत की सोच नई नहीं है और सदियों से भारत ने प्रकृति व पर्यावरण से जुड़े मामलों में विश्व का मार्गदर्शन किया है।
प्रधानमंत्री ने देश में सौर ऊर्जा के विस्तार का आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि 12 वर्ष पहले भारत की सौर ऊर्जा क्षमता केवल 2 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर 160 गीगावाट को पार कर चुकी है।
पेरिस समझौते की प्रतिबद्धताओं को समय से पूर्व किया पूरा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा के विकास पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि जी-20 समूह में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जिसने पेरिस समझौते के अंतर्गत तय की गई अपनी प्रतिबद्धताओं को निर्धारित समयसीमा से काफी पहले पूरा कर दिखाया है।
