छत्तीसगढ़ के बस्तर (जगदलपुर) में विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा पर्व का आगाज 12 अगस्त 2026 को हरेली अमावस्या के अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ होगा। जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए बस्तर दशहरा समिति ने तिथिवार शेड्यूल जारी कर दिया है।
बस्तर दशहरा 2026: 12 अगस्त से 75 दिनों का ऐतिहासिक पर्व
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अनूठी जनजातीय संस्कृति का प्रतीक विश्व प्रसिद्ध ‘बस्तर दशहरा’ पर्व बुधवार, 12 अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है। हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ इस 75 दिवसीय ऐतिहासिक पर्व का विधिवत आगाज होगा। यह मुख्य आयोजन जगदलपुर स्थित बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में संपन्न होगा।
पाट जात्रा पूजा विधान और पारंपरिक रस्में
पाट जात्रा पूजा विधान के दौरान क्षेत्र के पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार एक साथ एकत्रित होंगे। इस अवसर पर विशाल रथ निर्माण के औजार बनाने के लिए पारंपरिक ‘ठुरलू खोटला’ रस्म अदा की जाएगी। बस्तर दशहरा समिति ने सभी ग्रामीणों, सेवादारों और श्रद्धालुओं से इस पावन पूजा में सम्मिलित होने की अपील की है।
बस्तर दशहरा 2026: प्रमुख पूजा विधियों का शेड्यूल
75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा पर्व की प्रमुख रस्मों का आधिकारिक कार्यक्रम इस प्रकार है:
- 12 अगस्त (बुधवार): पाट जात्रा पूजा विधान (दशहरा पर्व की आधिकारिक शुरुआत)
- 24 सितम्बर (गुरुवार): डेरी गड़ाई पूजा विधान
- 10 अक्टूबर (शनिवार): काछनगादी पूजा विधान
- 11 अक्टूबर (रविवार): कलश स्थापना पूजा विधान
यह रिपोर्ट भारत मंथन लाइव (Bharat Manthan Live News) द्वारा प्रस्तुत की गई है।
