भागलपुर विक्रमशिला सेतु पर BRO और IIT का एक्शन प्लान, जल्द शुरू होगा यातायात

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य के लिए BRO और IIT पटना की टीम द्वारा तैयार किया गया एक्शन प्लान।

भागलपुर में क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु पर यातायात पुनः बहाल करने के लिए पथ निर्माण विभाग ने गुरुवार, 7 मई 2026 को एक उच्चस्तरीय बैठक की। विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) और IIT पटना के विशेषज्ञों ने मरम्मत का एक्शन प्लान तैयार किया। बैठक में तत्काल राहत के लिए बेली ब्रिज और ट्रस ब्रिज निर्माण शुरू करने का निर्णय लिया गया।

विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए विशेषज्ञों की बड़ी बैठक

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से उत्पन्न यातायात संकट को दूर करने के लिए पथ निर्माण विभाग एक्शन मोड में है। विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO), IIT पटना की तकनीकी टीम और प्रसिद्ध पुल विशेषज्ञ आलोक भौमिक शामिल हुए। अधिकारियों ने सेतु की वर्तमान स्थिति और मरम्मत की समयसीमा की विस्तृत समीक्षा की।

यह सेतु भागलपुर और आसपास के जिलों के लिए लाइफलाइन माना जाता है, इसलिए प्रशासन ने युद्धस्तर पर काम करने की योजना बनाई है। बैठक में वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर सबसे अधिक जोर दिया गया।

BRO की मदद से बनेगा बेली ब्रिज और ट्रस ब्रिज

आम लोगों को हो रही भारी असुविधा को देखते हुए अधिकारियों ने दो प्रमुख समाधानों पर सहमति जताई है:

  • बेली ब्रिज: BRO के सहयोग से जल्द ही एक बेली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा, ताकि आंशिक रूप से यातायात को तुरंत चालू किया जा सके।
  • ट्रस ब्रिज: समानांतर रूप से ट्रस ब्रिज का निर्माण शुरू होगा, जिसे आगामी दो महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है। इस ब्रिज में दो लेन की सड़क के साथ पैदल यात्रियों के लिए अलग फुटपाथ की व्यवस्था होगी।

IIT पटना करेगा सेफ्टी ऑडिट

सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए IIT पटना की टीम पूरे विक्रमशिला सेतु का गहन ‘सेफ्टी ऑडिट’ कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऑडिट की विस्तृत रिपोर्ट अगले तीन सप्ताह में आने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर ही सेतु की स्थायी मजबूती और दीर्घकालिक मरम्मत के कार्यों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

विभागीय सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को लगातार कार्यस्थल पर कैंप करने और प्रगति की निगरानी करने का आदेश दिया गया है। भारत मंथन लाइव न्यूज इस परियोजना की प्रगति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

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