प्रवर्तन निदेशालय की रायपुर जोनल टीम ने CGPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया है। ED के अनुसार, आरोपी ने पूर्व मुख्यमंत्री के स्टाफ के नाम और प्रभाव का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई थी। मामले में 5 सितंबर तक पूछताछ की जाएगी।
CGPSC पेपर लीक और भ्रष्टाचार मामले में ED की बड़ी कार्रवाई
CGPSC की वर्ष 2020 और 2021 की परीक्षाओं में पेपर लीक, गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुख्य आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर लिया है। ED की रायपुर जोनल टीम इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी से गहन पूछताछ के लिए उसकी 5 सितंबर तक की कस्टडी हासिल की है। इस दौरान घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य सहयोगियों की भूमिका को लेकर पूछताछ की जा रही है।
3 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन आया सामने
ED के दावों के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर ने अभ्यर्थियों को प्रभावित करने और उनसे पैसे जुटाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के PA एवं अपने मामा के.के. चंद्रवंशी के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया।
इसके साथ ही, आरोपी द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे OSD के नाम और प्रभाव का उपयोग किए जाने की बात भी सामने आई है। जांच के दौरान ED ने अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित रकम जुटाए जाने की पुष्टि की है।
कई जिलों में छापेमारी कर जब्त किए गए अहम दस्तावेज
जांच के सिलसिले में ED ने 1 सितंबर को रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर जिलों में स्थित 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। मंगलवार को हुई इस तलाशी कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण डिजिटल और कागजी सबूत हाथ लगे हैं।
छापेमारी के दौरान ED ने आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए हैं। एजेंसी का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
