नई दिल्ली ‘चलो संसद’ मार्च: एकजुट हुए छात्र, भारी संख्या में जुटने की अपील

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'चलो संसद' मार्च के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करते छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च से एक दिन पहले विभिन्न छात्र संगठनों ने रविवार को जंतर-मंतर पर एकजुटता का प्रदर्शन किया और देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार व पेपर लीक के खिलाफ सोमवार सुबह 9 बजे आयोजित होने वाले इस मार्च को सफल बनाने का आह्वान किया।

जंतर-मंतर पर उमड़ा जनसैलाब, छात्र संगठनों ने दिखाई एकजुटता

देश की राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च के समर्थन में विभिन्न छात्र संगठनों ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। दिनभर चले इस विरोध प्रदर्शन में हजारों की संख्या में छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक धरना स्थल पर एकत्र हुए। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सोमवार सुबह 9:00 बजे जंतर-मंतर से संसद भवन तक निकाले जाने वाले “चलो संसद” मार्च को पूरी तरह सफल बनाने की पुरजोर अपील की है। आंदोलनकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह मार्च केवल किसी एक समूह का आयोजन नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाने, पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और जवाबदेही तय करने के लिए किया जा रहा एक सामूहिक प्रयास है।

शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग

मंच से बोलते हुए विभिन्न वक्ताओं ने “चलो संसद” अभियान के मुख्य संदेश को जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ चुका है जब छात्रों की आवाज सीधे देश की संसद तक पहुंचनी चाहिए। आंदोलनकारियों ने जनता से भारी संख्या में इस अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए इसे बेहतर शिक्षा प्रणाली और जवाबदेही के लिए लड़ी जा रही एक निर्णायक लड़ाई बताया। रविवार को दिनभर जंतर-मंतर का पूरा इलाका प्रदर्शनकारियों के नारों से गूंजता रहा। छात्रों ने हाल के दिनों में सामने आए पेपर लीक के मामलों, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

बढ़ती चिंताओं के बीच ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

धरना स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने कहा कि परीक्षाओं को लेकर लगातार सामने आ रहे विवादों ने देश के लाखों छात्रों के भविष्य को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों को दोहराते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक और पारदर्शी सुधार करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। दूसरी ओर, इस बड़े आंदोलन और मार्च के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी एक सुरक्षा व यातायात एडवाइजरी जारी की है। ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोमवार को संसद परिसर के आस-पास के क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही रहेगी और कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे, जिससे आम जनता को आवागमन में असुविधा हो सकती है।

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