छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने राज्य की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला सड़क परियोजना और प्रदेश के विभिन्न जिलों में नए पुल-पुलियों के टूटने व दरारें आने को लेकर भाजपा सरकार की कार्यशैली, मुनाफाखोरी और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
भारतमाला प्रोजेक्ट और नए पुलों के निर्माण पर कांग्रेस का तीखा हमला
छत्तीसगढ़ में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘डबल इंजन’ सरकार पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विकास के नाम पर केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला सड़क परियोजना में इसके आधिकारिक उद्घाटन से पहले ही दरारें देखने को मिल रही हैं। उन्होंने इसे सरकारी लापरवाही और कमीशनखोरी का नतीजा बताया।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में निर्माण कार्यों की पोल खुली
सुरेंद्र वर्मा ने राज्य के कई जिलों में हाल ही में हुए पुल हादसों और घटिया निर्माण कार्यों का विवरण जारी करते हुए सरकार को घेरा:
मुंगेली जिला (अमर टापू धाम)
लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री के गृह जिले मुंगेली में अमर टापू धाम के पास लगभग ₹4.5 करोड़ की लागत से बन रहे पुल का स्लैब पहली ही ढलाई के दौरान गिर गया। कांग्रेस ने इसमें घटिया सामग्री और विभागीय अनदेखी को जिम्मेदार ठहराया।
गरियाबंद (कोसुमबूड़ा पुल)
गरियाबंद के कोसुमबूड़ा में तेज बहाव के कारण पुल टूट गया। इस हादसे से 10 से अधिक गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को स्कूल, अस्पताल और बाजार पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सूरजपुर (सुखदेवपुर नाला)
सूरजपुर जिले के सुखदेवपुर नाले पर टूटी पुलिया और अधूरे रपटे की वजह से स्कूली बच्चे, महिलाएं और किसान उफनते नाले को जान जोखिम में डालकर पार करने के लिए मजबूर हैं।
राजनांदगांव (ग्राम बरगा)
राजनांदगांव के ग्राम बरगा में रेलवे द्वारा ₹26 करोड़ की लागत से निर्मित ओवरब्रिज के लोकार्पण के महज एक महीने के भीतर चौड़ी दरारें आ गईं, जिससे सड़क दो हिस्सों में बंटती नजर आ रही है।
टेंडर प्रक्रिया और विभागों में हेरफेर का आरोप
सुरेंद्र वर्मा ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग (PWD), नगरीय निकाय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और पीएचई (PHE) विभाग में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और टेंडर प्रक्रियाओं में अनियमिताओं का खेल चल रहा है।
