छत्तीसगढ़ में आगामी 20 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में ‘वीबी-जीरामजी’ योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित विकास कार्यों और बजट का अनुमोदन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि सभी विकास कार्यों का चयन केवल ग्राम सभा की सहमति से तय होगा।
छत्तीसगढ़ में 20 अगस्त को ग्राम सभाओं में वीबी-जीरामजी बजट पर लगेगी मोहर
छत्तीसगढ़ सरकार ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘वीबी-जीरामजी’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश भर की ग्राम सभाओं में 20 अगस्त 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों और बजट का अनुमोदन कराया जाएगा।
6,855 करोड़ रुपये का निवेश और 5,591 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट
चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा और वीबी-जीरामजी के माध्यम से छत्तीसगढ़ को लगभग 6,855 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जो ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में राज्य का सबसे बड़ा वित्तीय निवेश है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना में 5,591.42 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है, जिसके लिए केंद्र सरकार से प्रथम किस्त के रूप में 1,538 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी है।
318 अनुमेय कार्य और ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शुरू किए गए ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान के तहत हर गांव में मुक्तिधाम, प्रतीक्षालय और शासकीय स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। योजना में कुल 318 अनुमेय कार्यों को 4 श्रेणियों में बांटा गया है:
- जल संरक्षण एवं संवर्धन: 107 कार्य
- ग्रामीण अधोसंरचना: 90 कार्य
- आजीविका संवर्धन: 86 कार्य
- जलवायु अनुकूलन व आपदा प्रबंधन: 35 कार्य
इसके अलावा, ग्राम सभाओं में 2 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ की जानकारी भी साझा की जाएगी। कृषि सीजन के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए वर्ष में 60 दिन योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान किया गया है।
