छत्तीसगढ़ में बीते दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत की खबर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विष्णु देव साय सरकार ने शनिवार को राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। बस्तर और कोंडागांव जिलों में बारिश से संबंधित हादसों में दो लोगों की जान चली गई है। हालात को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है।
बारिश जनित हादसों में दो लोगों की मौत बस्तर जिले के कुरंदी क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण एक कच्चा मकान ढह गया, जिसकी चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना कोंडागांव जिले की है, जहां धान के खेत में मछली पकड़ने के दौरान एक 40 वर्षीय किसान उफनते नाले में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।
राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में जलभराव गुरुवार शाम से जारी मूसलाधार बारिश के कारण राजधानी रायपुर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। भटगांव, सुंदर नगर, महादेव घाट, प्रोफेसर कॉलोनी, पुराना विधानसभा मार्ग और सड्डू जैसे इलाकों में सड़कों पर भारी जलभराव देखने को मिल रहा है। नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सुरक्षा के मद्देनजर राज्य के सभी स्कूल बंद भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य सरकार ने शनिवार (26 सितंबर) को छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रशासन की नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्यवासियों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने लोगों को उफनती नदियों, नालों और झरनों के पास न जाने तथा जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करने की हिदायत दी है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा घेरे बना दिए हैं और दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
