मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह संयोजक सौरभ दास ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अदालतों का फैसला चाहे जो भी आए, पार्टी अपनी राह पर चलती रहेगी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी सीजेपी
भारत मंथन लाइव न्यूज: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने आंदोलन को और उग्र करने का ऐलान किया है।
सीजेपी ने घोषणा की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर पार्टी 2 अक्टूबर को मुंबई में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित करेगी।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों पर सीजेपी का रुख
ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पर कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट जो भी फैसला दे, पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अडिग रहेगी।
सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने स्पष्ट किया कि अदालतों में दायर याचिकाओं के नतीजों की परवाह किए बिना पार्टी अपनी राह पर चलेगी और मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा लेकर रहेगी।
सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर ज्यूडिशियरी के पुराने रुख का किया जिक्र
डेंगू से पीड़ित सीजेपी सह संयोजक सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के कामकाज और फैसलों के खिलाफ अब हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की जा रही हैं।
सौरभ दास ने अतीत का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पिछली बार लोगों ने न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाया था, तब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव से कुछ महीने पहले पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को सुनिश्चित किया था। उन्होंने कहा कि जब बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के परिणामों को नजरअंदाज करना असंभव हो गया, तब उस बेंच में शामिल जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने टिप्पणी की थी कि जो लोग “इस बार” मतदान नहीं कर सकते, वे “अगली बार” वोट दे सकते हैं। इसी आधार पर सीजेपी ने अदालती फैसलों से इतर अपने आंदोलन को जारी रखने की बात कही है।
