दिल्ली हाईकोर्ट में सोशल मीडिया ‘इन्फिनिट स्क्रॉल’ और ‘ऑटोप्ले’ के खिलाफ जनहित याचिका दायर

दिल्ली हाईकोर्ट परिसर का दृश्य जहां सोशल मीडिया ऐप्स के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई है।

दिल्ली हाईकोर्ट में सोशल मीडिया ऐप्स के ‘इन्फिनिट स्क्रॉल’ और ‘ऑटोप्ले’ जैसे फीचर्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ये फीचर्स युवाओं में लत और मानसिक तनाव पैदा कर रहे हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष अगले सप्ताह होगी।

दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे सोशल मीडिया एडिक्शन के मामले, विशेषज्ञ समिति की मांग

नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के अत्यधिक इस्तेमाल और युवाओं में बढ़ती लत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। याचिका में प्लेटफॉर्म्स के ‘इन्फिनिट स्क्रॉल’, ‘ऑटोप्ले’, और बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन्स जैसे फीचर्स की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन की मांग की गई है। बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी में कानून के प्रोफेसर विकास कथूरिया द्वारा दायर इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय की पीठ के समक्ष सुनवाई होनी थी, हालांकि न्यायमूर्ति तेजस कारिया ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। अब यह मामला अगले सप्ताह नई पीठ के सामने सूचीबद्ध होगा।

यूजर्स का ध्यान खींचने और लत लगाने वाले डिजाइन पर सवाल

याचिकाकर्ता के अनुसार, मुख्य समस्या सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले कंटेंट की नहीं, बल्कि उनके आर्किटेक्चरल डिजाइन की है। ‘लाइक’ जैसे वेरिएबल-रिवॉर्ड सिस्टम और एल्गोरिदम आधारित व्यक्तिगत फीड्स को इस तरह तैयार किया जाता है कि वे यूजर्स का ध्यान बार-बार आकर्षित करें। भारत में 18 से 24 वर्ष के युवा औसतन प्रतिदिन 120 मिनट से अधिक समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के हवाले से याचिका में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताने से किशोरों में अवसाद और आत्महत्या के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।

केंद्र सरकार और बाल अधिकार संरक्षण आयोग से नियमों की मांग

अधिवक्ता कार्तिका शर्मा, हर्षा साधवानी और सुभिका जोशी के माध्यम से दायर इस याचिका में केंद्र सरकार और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) को सख्त कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में आग्रह किया गया है कि बच्चों और युवाओं की सुरक्षा के लिए इन एडिक्टिव फीचर्स पर रोक या कड़े नियम लागू किए जाएं। भारत मंथन लाइव न्यूज इस मामले से जुड़ी हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।

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