दिल्ली प्रदर्शन: राष्ट्रपति भवन मार्च के दौरान राहुल गांधी बोले- सरकार बर्खास्त हो

नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन के सांसदों का राष्ट्रपति भवन मार्च और विजय चौक पर धरना प्रदर्शन।

नई दिल्ली में शुक्रवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक के बाद राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च निकाला। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की, जबकि अन्य सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठे रहे।

संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक के बाद राष्ट्रपति भवन के लिए निकले विपक्षी सांसद

नई दिल्ली स्थित संसद के सेंट्रल हॉल में शुक्रवार को इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) के सांसदों की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक के तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित सभी विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति भवन की ओर विरोध मार्च निकाला। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पहली बार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।

विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचा। इस दौरान जब प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन के भीतर था, तब अन्य तमाम विपक्षी सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठ गए।

10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से की मुलाकात

कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 विपक्षी सांसद राष्ट्रपति से मिलना चाहते थे, लेकिन राष्ट्रपति भवन की ओर से केवल 10 प्रतिनिधियों को ही मुलाकात की अनुमति दी गई। विपक्षी सांसद अपने राज्यों और निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़ी शिकायतें राष्ट्रपति के सामने रखना चाहते थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने वाले इंडिया गठबंधन के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के राजीव राय, राजद नेता मनोज झा, सीपीएम के एम.ए. बेबी, सीपीआई नेता डी. राजा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला शामिल रहे।

चुनाव नतीजों पर सवाल और राहुल गांधी का बड़ा बयान

संसद के सेंट्रल हॉल में सांसदों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र के हालिया चुनाव नतीजों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सबूत सामने आने के बाद उन्हें मामले की गंभीरता का एहसास हुआ है और लोकतंत्र में लोगों के अधिकारों की रक्षा करना सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसदों से मिलना और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करना उनकी जिम्मेदारी है। बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि केवल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से काम नहीं चलेगा, बल्कि अब इस सरकार को बर्खास्त करने का वक्त आ गया है।

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