23 फरवरी 2026 को धनबाद नगर निगम चुनाव के दौरान वार्ड 43 और वार्ड 22 में धनबाद बोगस वोटिंग के आरोपों पर हंगामा हुआ। समर्थकों के बीच झड़प के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति नियंत्रित की। अतिरिक्त बल की तैनाती के बाद दोनों बूथों पर मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई।
धनबाद बोगस वोटिंग के आरोपों से चुनाव में तनाव
धनबाद नगर निगम क्षेत्र में चल रहे नगर निकाय चुनाव के दौरान दो वार्डों में बोगस वोटिंग के आरोपों को लेकर विवाद सामने आया। वार्ड संख्या 43 और वार्ड संख्या 22 के अलग-अलग पोलिंग बूथों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हालात नियंत्रित किए गए और मतदान प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी गई।
वार्ड 43: बूथ संख्या 12 मिनी आईटीआई में विवाद
वार्ड संख्या 43 के बूथ संख्या 12, मिनी आईटीआई में बोगस वोटिंग के आरोपों पर जमकर हंगामा हुआ। कुछ लोगों ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार सुबह से ही दो-तीन पार्षद प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच तनातनी चल रही थी। दोपहर बाद विवाद अचानक बढ़ गया और दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया, जिसमें लाठीचार्ज भी शामिल था। इसके बाद स्थिति को काबू में कर लिया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बूथ पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं होने से स्थिति और बिगड़ी। बैलेट पेपर से मतदान होने के कारण कुछ मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं में भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न हुई, जिससे विवाद बढ़ा।
अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद वार्ड 43 में मतदान दोबारा शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ। बताया गया है कि पार्षद प्रत्याशी शमशेर आलम और इंदु देवी के समर्थकों के बीच पहले भी झड़प हो चुकी है, जिसे देखते हुए प्रशासन सतर्क है।
वार्ड 22: बूथ संख्या 22/5 पर भी हंगामा
धनबाद बोगस वोटिंग से जुड़ा दूसरा मामला वार्ड नंबर 22 के सीसीडब्ल्यूओ कॉलोनी स्थित आदर्श मध्य विद्यालय के बूथ संख्या 22/5 में सामने आया। यहां भी बोगस वोटिंग के आरोपों को लेकर विवाद हुआ।
सूचना मिलने पर सरायढेला थाना प्रभारी मंजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बूथ के अंदर मौजूद संदिग्ध लोगों को बाहर निकाला और भीड़ को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।
आरोप है कि एक पार्षद प्रत्याशी के समर्थकों द्वारा बिना पहचान पत्र के महिलाओं से मतदान कराया जा रहा था। कुछ मतदाताओं ने शिकायत की कि उनके नाम पर पहले ही वोट डाले जा चुके हैं, जिसके कारण उन्हें मतदान से वंचित होना पड़ा।
मतदाता पंकज पांडे ने कहा कि “बूथ संख्या 22/5 में बोगस वोटिंग की जा रही थी। बिना आईडी कार्ड के महिलाओं से वोट डलवाया जा रहा था। जब लोगों को पता चला कि उनकी वोटिंग पहले ही हो चुकी है तो हंगामा शुरू हो गया। पुलिस आई और लोगों को बाहर निकाला।”
मतदाता मनीष कुमार ने कहा कि “एक पार्षद के समर्थक महिलाओं से दूसरे मतदाताओं की जगह वोटिंग करा रहे थे। जिन महिलाओं को वोट नहीं करने दिया गया, उनकी शिकायत पर लोगों ने विरोध किया। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।”
फिलहाल दोनों बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और मतदान प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में जारी है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच की बात कही है।
