गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में एसएसबी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार 17 मई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए गुलरटांड गांव के समीप घने जंगल से छिपाकर रखी गई 151 किलोग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ डोडा की खेप बरामद की है।
गुलरटांड गांव के समीप घने जंगलों में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन
गया: बिहार के गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गुलरटांड गांव के समीप घने जंगलों में सुरक्षा बलों को भारी सफलता हाथ लगी है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जंगल के भीतर कुछ संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी सूचना के आधार पर एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) और गया जिला पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन कर विशेष तलाशी अभियान की शुरुआत की गई।
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, घने जंगलों के बीच कई घंटों तक चले इस सघन सर्च ऑपरेशन के बाद सुरक्षा बलों ने विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखे गए कुल 151 किलोग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ डोडा को खोज निकाला और उसे अपने कब्जे में ले लिया।
अवैध तस्करी के लिए जमा की गई थी प्रतिबंधित डोडा की खेप
मौके से कोई भी तस्कर नहीं हो सका गिरफ्तार
सुरक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, डोडा की यह विशाल खेप अंतर-राज्यीय या स्थानीय स्तर पर अवैध तस्करी को अंजाम देने के मुख्य उद्देश्य से ही जंगल के सुरक्षित ठिकानों पर लाकर छिपाई गई थी। पुलिस और सुरक्षा बलों की इस अचानक हुई बड़ी छापेमारी के बाद मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े सिंडिकेट और तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है। हालांकि, छापेमारी के दौरान मौके से किसी भी तस्कर को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर शुरू की छापेमारी
भारी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी के उपरांत सुरक्षा बलों ने पूरे जंगली क्षेत्र की उचित घेराबंदी कर दी है। इसके साथ ही आसपास के रिहायशी और संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी अभियान की गति को और तेज कर दिया गया है।
बाराचट्टी थाना पुलिस को सौंपी गई बरामद खेप
सुरक्षा बलों द्वारा जब्त किए गए इस 151 किलो डोडा को आगे की आवश्यक और उचित कानूनी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए बाराचट्टी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। बाराचट्टी थाना पुलिस ने इस संदर्भ में अज्ञात मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा फरार तस्करों के गिरोह की सटीक पहचान करने और उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित संभावित ठिकानों पर लगातार सघन छापेमारी की जा रही है।
