मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत मुंबई के विक्रोली में टनल बोरिंग मशीन (TBM) के पहले विशालकाय कटरहेड को सफलतापूर्वक शाफ्ट में उतारा गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार 17 मई 2026 को इस ऐतिहासिक तकनीकी उपलब्धि का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।
भारत की पहली अंडरसी रेल सुरंग निर्माण की दिशा में बड़ी सफलता
मुंबई: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने देश की पहली अंडरसी (समुद्र के नीचे) रेल सुरंग के निर्माण की दिशा में एक और ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। मुंबई के विक्रोली स्थित निर्माण स्थल पर टनल बोरिंग मशीन (TBM) के पहले कटरहेड को सफलतापूर्वक गहरे शाफ्ट में उतार दिया गया है।
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस बेहद जटिल और बड़ी तकनीकी प्रक्रिया की सफलता पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आधिकारिक जानकारी देते हुए अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर इस कार्य का वीडियो भी जारी किया है।
250 एसयूवी कारों के बराबर वजनी है यह विशाल कटरहेड
13.6 मीटर व्यास का है मुख्य उपकरण
शाफ्ट में उतारा गया यह कटरहेड तकनीकी रूप से बेहद अनूठा और भीमकाय है। इसका कुल व्यास 13.6 मीटर है और इसका वजन लगभग 350 टन आंका गया है। इसके विशाल आकार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह वजन तकरीबन 250 मध्यम आकार की एसयूवी (SUV) कारों के कुल भार के बराबर है। इस कटरहेड की सफल स्थापना के साथ ही अब टनल बोरिंग मशीन (TBM) के मुख्य शील्ड की प्राथमिक असेंबली का अंतिम और सबसे निर्णायक चरण पूरा हो गया है।
पांच खेपों में लाया गया, साइट पर ही हुई वेल्डिंग
इतने भारी-भरकम उपकरण को एक साथ लाना असंभव होने के कारण इसे पांच अलग-अलग खेपों (टुकड़ों) में निर्माण स्थल तक पहुंचाया गया था। विक्रोली साइट पर ही बेहद उच्च-परिशुद्धता (हाई-प्रिसिजन) वाली 1,600 किलोग्राम की वेल्डिंग तकनीक के जरिए इन सभी हिस्सों को आपस में जोड़ा गया।
84 कटर डिस्क और स्क्रेपर्स से लैस है आधुनिक मशीन
चट्टानों को काटकर मलबे को बाहर निकालने की तकनीक
सुरंग की खुदाई प्रक्रिया को सुचारू और कुशल बनाने के लिए इस विशाल कटरहेड में कई आधुनिक कल्पुर्जे लगाए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से 84 कटर डिस्क, 124 स्क्रेपर और 16 बकेट लिप शामिल किए गए हैं। यह पूरी प्रणाली मिलकर जमीन और चट्टानों के नीचे खुदाई करने तथा वहां से निकलने वाले मलबे को बाहर फेंकने की प्रक्रिया को तेजी से अंजाम देती है।
कैसे काम करती है यह प्रणाली?
मशीन की कार्यप्रणाली के अनुसार, इसमें लगे विशेष कटर डिस्क सबसे पहले सामने आने वाली कठोर चट्टानों को काटने और तोड़ने का काम करते हैं। इसके बाद इसके स्क्रेपर्स कटे हुए मलबे को पूरी तरह साफ करते हैं, और अंत में बकेट लिप उस समस्त मलबे को मशीन के मुख्य मलबा कक्ष में एकत्र कर देता है, जहां से स्वचालित पाइपलाइन के जरिए उसे सुरंग से बाहर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया जाता है।
