पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने नवगछिया और भागलपुर को दी 5 नावों की सौगात

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव जिन्होंने नवगछिया और भागलपुर की जनता के लिए पांच नावें समर्पित की हैं।

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने रविवार 17 मई 2026 को नवगछिया और भागलपुर की जनता के लिए पांच नाव समर्पित की हैं। विक्रमशिला पुल संकट के बीच स्थानीय लोगों को हो रही परिवहन समस्याओं को देखते हुए सांसद ने यह कदम उठाया है और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा है।

विक्रमशिला पुल संकट के बीच सांसद पप्पू यादव का बड़ा कदम

पटना: पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद पप्पू यादव ने नवगछिया और भागलपुर के स्थानीय नागरिकों को पांच नावों की सौगात दी है। उन्होंने इन नावों को आधिकारिक तौर पर आम जनता के आवागमन के लिए समर्पित कर दिया है। इस सेवा की शुरुआत करते हुए सांसद ने अपने वादे को दोहराया और कहा कि उन्होंने जनता से जो कहा था, उसे पूरा करके दिखाया है।

भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, क्षेत्र में बने विक्रमशिला पुल के संकट के कारण स्थानीय आबादी को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके समाधान के रूप में इन नावों को उपलब्ध कराया गया है।

सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर बोला तीखा हमला

विकास के दावों पर उठाए सवाल

नावों को जनता को सौंपने के दौरान सांसद पप्पू यादव ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो सरकार संकट के समय जनता को पांच नाव तक उपलब्ध नहीं करा पाई, वह क्षेत्र के विकास के बड़े दावे किस आधार पर कर रही है। उन्होंने सरकार की इच्छाशक्ति पर सीधे तौर पर सवाल खड़े किए।

मंत्रियों और विधायकों की उदासीनता पर नाराजगी

पप्पू यादव ने स्थानीय मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की भूमिका पर भी तीखी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन नवगछिया और भागलपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी मंत्री, सांसद या विधायक ने जनता की इस गंभीर समस्या की सुध लेना तक जरूरी नहीं समझा।


जनता की समस्याओं के निरंतर समाधान का दिया भरोसा

सांसद ने स्थानीय जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके रहते हुए क्षेत्र के लोगों को लावारिस नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब तक जनता का यह बेटा और सेवक सक्रिय है, तब तक आम लोगों की हर समस्या का यथासंभव समाधान निरंतर जारी रहेगा। इस कदम के बाद से ही क्षेत्र में विक्रमशिला पुल की वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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