नई दिल्ली: सरकार ने देश के 34 प्रमुख हवाई अड्डों पर घरेलू उड़ानों के लिए शुल्क में 25% की कटौती की है। यह कदम एयरलाइंस को राहत देने और यात्रियों पर बढ़ते किराए के दबाव को कम करने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने घरेलू हवाई अड्डा शुल्क में 25% की कटौती की
नई दिल्ली: बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए भारत सरकार ने देश के 34 प्रमुख हवाई अड्डों पर घरेलू उड़ानों के लिए शुल्क में 25% तक की कटौती की है। यह कटौती लैंडिंग और पार्किंग शुल्क पर लागू होगी और तीन महीनों तक प्रभावी रहेगी।
शुल्क में कटौती वाले हवाई अड्डे
एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने मंगलवार को आदेश जारी किया। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत अन्य प्रमुख हवाई अड्डों के संचालकों को शुल्क कम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य एयरलाइंस की लागत घटाना और घरेलू हवाई किराए को नियंत्रित करना है।
ईंधन की बढ़ती कीमतें और सरकार का कदम
हाल के दिनों में घरेलू एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF के बेस प्राइस में लगभग 25% और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 100% से अधिक की बढ़ोतरी की है। एयर इंडिया ग्रुप और इंडिगो जैसी एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज भी बढ़ा दिया है।
यात्रियों और एयरलाइंस पर असर
सरकार का यह कदम केरल और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों के समय यात्रियों पर अनियंत्रित किराया वृद्धि को रोकने और राहत देने के लिए आया है। कटौती से होने वाली राजस्व कमी भविष्य की टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया में समायोजित की जाएगी।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह 25% शुल्क कटौती एयरलाइंस के लिए अल्पकालिक राहत साबित होगी और यात्रियों को घरेलू उड़ानों के किराए में कुछ हद तक लाभ मिलेगा।
