गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में हुए चर्चित पूर्णिमा पंडित हत्याकांड की जांच शनिवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने शुरू की। वरीय वैज्ञानिक जहांगीर के नेतृत्व में फोरेंसिक टीम ने नदी तट से राख और जली हुई हड्डियों के सैंपल एकत्र किए हैं, जबकि मृतका के पति समेत तीनों आरोपी अब भी फरार हैं।
पूर्णिमा पंडित हत्याकांड: साक्ष्य जुटाने नदी तट पहुंची फोरेंसिक टीम, लिए हड्डियों के सैंपल
गिरिडीह: जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुए सनसनीखेज पूर्णिमा पंडित हत्याकांड मामले की वैज्ञानिक जांच शनिवार को तेज हो गई है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की एक विशेष टीम ने घटनास्थल और उससे जुड़े संवेदनशील इलाकों का दौरा कर साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो को इस पूरे मामले की कड़ाई से देखरेख और सुचारू संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जांच प्रक्रिया के तहत फोरेंसिक टीम के वरीय वैज्ञानिक जहांगीर के नेतृत्व में विशेषज्ञों ने सबसे पहले नदी तट का रुख किया। टीम ने उस स्थान से राख के ढेर का मुख्य सैंपल उठाया, जहां शव को जलाए जाने का आरोप है। इसके साथ ही वैज्ञानिक टीम ने राख के भीतर छिपी जली हुई हड्डियों के टुकड़े और उसके आसपास की मिट्टी के भी कई सैंपल कलेक्ट किए हैं। इस वैज्ञानिक कसरत का मुख्य उद्देश्य यह पूरी तरह से स्पष्ट करना है कि नदी तट पर मिला राख का यह ढेर और अवशेष मृतका पूर्णिमा पंडित के ही हैं। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की यह टीम अगले एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत सैंपल रिपोर्ट गिरिडीह पुलिस को सौंप देगी।
साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जलाने का आरोप, पति, ससुर और सास पर मामला दर्ज
ग्रामीणों से मिली थी शव जलाने की जानकारी
इस पूरे मामले को लेकर बताया गया है कि पूर्णिमा पंडित की हत्या करने के बाद अपराध का सबूत पूरी तरह मिटाने के मकसद से उसके शव को चुपचाप जला दिया गया था। घटना के दिन शाम को स्थानीय ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी कि ससुराल वालों ने पूर्णिमा पंडित की हत्या कर दी है और साक्ष्यों को नष्ट करने के लिए उसके शव को नदी तट पर ले जाकर जला दिया है।
जामताड़ा के मायके वालों ने दर्ज कराया मुकदमा
घटना की सूचना मिलते ही जामताड़ा जिले के मिहिजाम से मृतका के मायके वाले तुरंत गिरिडीह पहुंचे। मायके पक्ष के सदस्यों ने मुफ्फसिल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मृतका के पति रामेश्वर पंडित, ससुर भरत पंडित और सास भारती देवी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने का नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस गिरफ्त से दूर हैं तीनों नामजद आरोपी, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज
पुलिस की टीमें कर रही हैं तलाश
मुफ्फसिल थाना पुलिस ने मायके पक्ष के आवेदन के आधार पर तीनों नामजद अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय कानून की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। हालांकि, घटना के बाद से ही आरोपी पति रामेश्वर पंडित, ससुर भरत पंडित और सास भारती देवी अपने घर से फरार हैं।
वैज्ञानिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस अधिकारी फरार चल रहे तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि फोरेंसिक टीम से अगले एक सप्ताह में मिलने वाली वैज्ञानिक रिपोर्ट इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने और आरोपियों के खिलाफ अदालत में पुख्ता सबूत पेश करने में बेहद मददगार साबित होगी। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।
