लौकरिया थाना क्षेत्र में हुए चर्चित चोरी कांड का पुलिस ने महज 15 दिनों के भीतर खुलासा करते हुए एक स्वर्ण दुकानदार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रामनगर एसडीपीओ रागिनी कुमारी के नेतृत्व में की गई इस त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने करीब 10 लाख रुपये मूल्य के स्वर्ण आभूषण बरामद किए हैं।
लौकरिया पुलिस की बड़ी सफलता: 15 दिनों में सुलझाया चर्चित चोरी का मामला
लौकरिया: स्थानीय थाना क्षेत्र में हुए एक चर्चित चोरी कांड का पुलिस ने महज 15 दिनों के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक स्वर्ण व्यवसायी (दुकानदार) सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने करीब 10 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर लिए हैं।
चोरी की इस बड़ी वारदात के बाद पुलिस प्रशासन बेहद सक्रिय मोड में था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रामनगर एसडीपीओ रागिनी कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। इस विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान (सर्विलांस), गुप्त सूचनाओं और सघन छापेमारी के आधार पर इस पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया।
चोरी के गहने खरीदने वाला सर्राफा कारोबारी भी चढ़ा पुलिस के हत्थे
आभूषणों की खरीद-बिक्री का हुआ भंडाफोड़
पुलिस द्वारा की गई आधिकारिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद जेवरातों का कुछ हिस्सा एक स्थानीय स्वर्ण दुकानदार को बेच दिया था। वहीं, चोरी किए गए बाकी के आभूषणों को आरोपियों ने अलग-अलग सुरक्षित ठिकानों पर छिपाकर रखा हुआ था।
तलाशी में दस्तावेज और उपकरण जब्त
गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ के बाद मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छिपाकर रखे गए शत-प्रतिशत गहनों को सकुशल बरामद कर लिया। इस तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, डायरी और लेन-देन से जुड़े रजिस्टर भी जब्त किए हैं।
संगठित नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस, दस्तावेजों की हो रही पड़ताल
गिरोह के सक्रिय होने की आशंका
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घर में हुई इस बड़ी चोरी की घटना के तुरंत बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विशेष वैज्ञानिक जांच शुरू की गई थी। पुलिस अब इस बिंदु पर भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि क्षेत्र में चोरी के जेवरातों की अवैध खरीद-बिक्री करने वाला कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
अन्य नामों के खुलासे की उम्मीद
जब्त किए गए मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डायरी-रजिस्टर की गहन तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस को पूरी आशंका है कि इन दस्तावेजों के विश्लेषण से चोरी का माल खरीदने और बेचने वाले अन्य संदिग्ध लोगों के नामों तथा उनके पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। पुलिस की इस त्वरित और पेशेवर कार्यशैली की स्थानीय नागरिकों द्वारा काफी सराहना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के अन्य सभी पहलुओं पर जांच जारी है और जल्द ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
