छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर रविवार को बांसाझाल स्थित जर्जर पुल अचानक दो हिस्सों में टूटकर ढह गया। पुल ढहने के दौरान उस पर से गुजर रही यात्रियों से भरी बस बीचों-बीच फंस गई। गनीमत रही कि बस नीचे नदी में नहीं गिरी और बड़ा हादसा टल गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
बिलासपुर-पेंड्रा मार्ग पर बांसाझाल पुल ढहा, बड़ा हादसा टला
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर रविवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया। बांसाझाल स्थित जर्जर पुल अचानक दो हिस्सों में टूटकर ढह गया। पुल टूटने के समय उस पर से गुजर रही यात्रियों से भरी बस बीचों-बीच फंस गई।
गनीमत यह रही कि बस नीचे नदी में नहीं गिरी और समय रहते बड़ा हादसा टल गया। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
तेज धमाके के साथ धंसा स्लैब, मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों और बस के सहचालक (कंडक्टर) के अनुसार, यात्री बस जैसे ही बांसाझाल पुल के बीच पहुंची, तभी अचानक तेज धमाके के साथ पुल का स्लैब धंस गया। देखते ही देखते पुल दो हिस्सों में बंट गया और बस टूटे हुए हिस्से के किनारे पर जाकर अटक गई।
घटना के तुरंत बाद बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, बस खाई में गिरने से बच गई और सभी यात्री सुरक्षित बाहर आ गए।
कई प्रमुख अंतरराज्यीय मार्ग ठप्प
पुल टूटने के बाद इस मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। इस हादसे के कारण मनेंद्रगढ़ से बिलासपुर, पेंड्रा, गौरेला और अमरकंटक का सीधा संपर्क कट गया है। इसके अलावा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के जबलपुर से भी संपर्क टूट गया है।
सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और कई यात्री बसें तथा मालवाहक वाहन रास्ते में ही फंस गए हैं।
प्रशासन ने जारी की डायवर्जन की अपील
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक भेजने और वैकल्पिक मार्गों से यातायात बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
प्रशासन ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि वे फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें और निर्धारित डायवर्जन रूट का पालन करें।
