असम के गुवाहाटी हाफ मैराथन में देशभर से लगभग 5000 धावकों की भागीदारी

असम में कर्मवीर नबीन चंद्र बर्दोलोई स्टेडियम के पास गुवाहाटी हाफ मैराथन में भाग लेते धावक

असम के व्यावसायिक केंद्र गुवाहाटी में रविवार को आयोजित 16वें गुवाहाटी हाफ मैराथन में देशभर से लगभग 5,000 धावकों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन IIT गुवाहाटी द्वारा टेक्निशे (Techniche) के तहत किया गया, जो संस्थान का वार्षिक टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्टिवल है। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय राजमार्ग 27 के पास कर्मवीर नबीन चंद्र बर्दोलोई स्टेडियम के समीप किया गया। इसका थीम ‘Run for Quality Education’ रखा गया था।

दो प्रमुख श्रेणियों में हुई दौड़

इस हाफ मैराथन में विभिन्न पेशों, आयु वर्गों और पृष्ठभूमि के लोगों ने भाग लिया। प्रतियोगिता को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया था—21 किलोमीटर की ‘Glory Run’ और 6 किलोमीटर की ‘Spirit Run’।

आयोजन समिति के सदस्य उदय इंगले के अनुसार, Glory Run में लगभग 700 अनुभवी धावकों ने भाग लिया, जबकि Spirit Run में लगभग 4000 प्रतिभागी शामिल हुए, जो आम जनता के लिए खुली थी।

पुरस्कार और सम्मान

उदय इंगले ने बताया कि शीर्ष तीन विजेताओं की घोषणा जल्द की जाएगी। विजेताओं को पुरुष और महिला वर्ग में कुल 2.5 लाख रुपये के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।

Glory Run के सभी प्रतिभागियों को पदक और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जबकि Spirit Run को पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए गए।

प्रमुख धावकों की भागीदारी

इस आयोजन में विनोद पाटगिरी, नबीन डागर और हिमा चेती जैसे प्रमुख धावकों ने भी हिस्सा लिया। इनके साथ पेशेवर एथलीट, शौकिया धावक और छात्र भी शामिल थे।

आयोजकों ने प्रतियोगिता को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

गुवाहाटी हाफ मैराथन की बढ़ती लोकप्रियता

गुवाहाटी हाफ मैराथन अब एक प्रमुख वार्षिक खेल आयोजन बन चुका है, जिसमें देशभर से खासकर पूर्वोत्तर भारत से बड़ी संख्या में धावक शामिल होते हैं।

पिछले वर्ष इस आयोजन में लगभग 4,000 प्रतिभागी शामिल हुए थे और इसका थीम ‘Run for a Healthier Society’ था। इसे देश का सबसे बड़ा छात्र मैराथन भी बताया गया था।

सामाजिक पहल भी रही शामिल

मैराथन से पहले टीम टेक्निशे द्वारा एक अनाथालय में दान अभियान चलाया गया। इस दौरान बच्चों को पुस्तकें और शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई, जिससे कार्यक्रम का संदेश ‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना’ और मजबूत हुआ।

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