झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को दिल्ली बुलाने का बड़ा फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में सभी विधायक दिल्ली जाकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेंगे और राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की पूरी रिपोर्ट सौंपेंगे।
राज्यसभा चुनाव के बीच दिल्ली रवाना होंगे कांग्रेस विधायक
झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी भारी हलचल के बीच कांग्रेस आलाकमान ने एक बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने राज्य के अपने सभी विधायकों को दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया है। भारत मंथन लाइव न्यूज (Bharat Manthan Live News) को मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी इन सभी विधायकों के साथ दिल्ली के दौरे पर रहेंगे। दिल्ली में कांग्रेस विधायक दल और प्रदेश नेतृत्व सामूहिक रूप से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर राज्य के ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा करेगा।
परिमल नाथवानी के नामांकन पर आपत्तियां खारिज होने के बाद फैसला
यह महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब विधानसभा में चुनाव अधिकारी ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर दायर की गई सभी आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया है। चुनाव अधिकारी ने जांच के बाद परिमल नाथवानी के नामांकन को पूरी तरह वैध घोषित कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने दिल्ली कूच करने की रणनीति तैयार की है।
कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में किया था धरना-प्रदर्शन
इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा परिसर के भीतर परिमल नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन भी किया था। कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि चुनाव अधिकारी और संबंधित प्राधिकारियों द्वारा इस मामले में पार्टी की ओर से दर्ज कराई गई वैध आपत्तियों पर कोई उचित ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण उन्हें विरोध का रास्ता चुनना पड़ा।
हॉर्स ट्रेडिंग और पक्षपात के आरोपों से गरमाई सियासत
- टकराव में बढ़ोतरी: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक टकराव लगातार उग्र होता जा रहा है।
- हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप: कांग्रेस ने भाजपा पर चुनाव को प्रभावित करने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) की कोशिश करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है।
- चुनाव आयोग पर निशाना: पार्टी ने इसके साथ ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी मनमानी और पूरी तरह पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोप जड़े हैं।
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन सभी आरोपों और आपत्तियों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है। राज्यसभा चुनाव की इन दो सीटों को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर ने राज्य के सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट अब दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखी जाएगी।
