छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड स्थित ग्राम सरैहा में भारी बारिश के दबाव के कारण वर्षों पुराना बांध अचानक फूट गया। बांध में हुए छोटे छेद की समय पर मरम्मत न होने से मिट्टी बह गई और पानी आसपास के खेतों में भर गया। इससे सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
बारिश के दबाव से टूटा वर्षों पुराना बांध कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम सरैहा में गुरुवार को एक बड़ा हादसा सामने आया। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण पुराने मिट्टी के बांध पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया था। बांध की दीवार में पहले एक छोटा सा छेद हुआ था, जो पानी के तेज बहाव और मिट्टी कटने से धीरे-धीरे बड़ा होता गया और आखिरकार बांध का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न, किसानों को नुकसान की आशंका बांध टूटने के बाद जमा हुआ पूरा पानी तेजी से बाहर निकल गया और आसपास के कृषि खेतों में भर गया। जलभराव के कारण खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। स्थानीय किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं और वे प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
मरम्मत में अनदेखी पर उठे सवाल स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह बांध काफी समय से जर्जर स्थिति में था। ग्रामीणों का कहना है कि बांध में शुरुआत में ही छोटा छेद देखा गया था, लेकिन समय रहते जल संसाधन विभाग या संबंधित प्रशासन द्वारा इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। यदि समय पर देख-रेख होती तो इस हादसे और किसानों के नुकसान को रोका जा सकता था।
बहते पानी में मछली पकड़ने पहुंचे ग्रामीण बांध टूटने के तुरंत बाद मौके पर एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। जैसे ही बांध से भारी मात्रा में पानी बहकर खेतों और रास्तों की तरफ निकलने लगा, कई ग्रामीण हाथों में जाल लेकर वहां पहुंच गए और बहते पानी में मछलियां पकड़ने लगे। अब प्रशासन के सामने स्थिति का आकलन कर प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने की चुनौती है।
