मुंबई पुलिस ने गुरुवार को विशेष अदालत से 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के मामले में हाफिज सईद और ज़की-उर-रहमान लखवी सहित छह फरार आरोपियों के खिलाफ उद्घोषणा आदेशों को निष्पादित करने के लिए समय मांगा है। पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि वे केंद्रीय गृह मंत्रालय के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
मुंबई पुलिस ने गृह मंत्रालय के जवाब का दिया हवाला
26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में मुंबई पुलिस ने विशेष अदालत से लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और ज़की-उर-रहमान लखवी सहित छह मुख्य आरोपियों के खिलाफ जारी उद्घोषणा आदेश (Proclamation Order) को लागू करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है। पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी पाकिस्तान में मौजूद हैं और इस प्रक्रिया के लिए इंटरपोल के जरिए कदम उठाने हेतु केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा गया है, जिसके जवाब का इंतजार है।
विशेष अदालत ने 1 अक्टूबर तक बढ़ाई सुनवाई
विशेष अभियोजक उज्ज्वल निकम ने अदालत को सूचित किया कि गृह मंत्रालय से अभी प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है, जिसके बाद उन्होंने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 13 दिनों का समय मांगा। अदालत ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी। गौरतलब है कि विशेष अदालत ने जुलाई में इन फरार आरोपियों के खिलाफ गैर-मौजूदगी (In Absentia) में मुकदमा चलाने के लिए उद्घोषणा आदेश जारी किए थे।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कार्रवाई
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 356 के प्रावधानों के तहत किसी भी ऐसे घोषित अपराधी के खिलाफ उसकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया जा सकता है जो मुकदमे से बचने के लिए फरार हो गया हो। अदालत ने जिन छह आरोपियों के खिलाफ यह आदेश जारी किया है, उनमें हाफिज सईद, ज़की-उर-रहमान लखवी, साजिद मीर, अबू अलकामा, असीम उर्फ अबू कहाफा और मेजर अब्दुल रहमान पाशा शामिल हैं। इन सभी की साजिश में संलिप्तता का खुलासा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब और सरकारी गवाह बने डेविड हेडली ने किया था।
