नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि NEET-SS (सुपर स्पेशलिटी) सीटों के लिए अर्हता (क्वालिफाइंग) परसेंटाइल को 50% से घटाकर 30% कर दिया गया है। इसके साथ ही, तमिलनाडु को उसकी 40 खाली इन-सर्विस सीटें वापस लौटाने पर सहमति व्यक्त की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष यह जानकारी दी कि सुपर स्पेशलिटी सीटों को खाली रहने से बचाने के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET-SS) का क्वालिफाइंग परसेंटाइल 50% से घटाकर 30% करने का निर्णय लिया गया है। यह छूट विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड (Special Stray Vacancy Round) के लिए लागू होगी।
6,000 अतिरिक्त अभ्यर्थियों को मिलेगा मौका
अदालत में दाखिल अपने नोट में केंद्र ने बताया कि परसेंटाइल घटाने से लगभग 6,000 नए उम्मीदवार काउंसलिंग में भाग लेने के पात्र हो जाएंगे। फिलहाल दूसरे दौर की काउंसलिंग के बाद 1,857 सुपर स्पेशलिटी सीटें (1,094 DM/M.Ch. और 763 DNB-SS सीटें) खाली पड़ी हैं। नया कट-ऑफ लागू होने से उपलब्ध रिक्त सीटों के मुकाबले तीन गुना अधिक अभ्यर्थी उपलब्ध होंगे।
तमिलनाडु को वापस मिलेंगी 40 इन-सर्विस सीटें
शीर्ष अदालत में तमिलनाडु सरकार का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता ए.एम. सिंघवी और याचिकाकर्ता तमिलनाडु मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता पी. विल्सन ने किया। केंद्र सरकार तमिलनाडु को उसकी 40 vacant इन-सर्विस सीटें वापस करने पर सहमत हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु द्वारा काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी करने के लिए मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की है।
