नवादा मंडल कारा में बंद मेसकौर थाना क्षेत्र के घनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना से भड़के परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। भारत मंथन लाइव न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, परिजनों ने जेल सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं।
नवादा मंडल कारा में बंदी की मौत से हंगामा
भारत मंथन लाइव न्यूज: नवादा मंडल कारा में बंद एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। मृतक की पहचान मेसकौर थाना क्षेत्र के महाराजवान निवासी घनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद कुमार के रूप में हुई है।
मृतक के पिता रघु चौहान और माता फूलवंती देवी समेत अन्य परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या करार दिया है।
परिजनों ने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि वे मंगलवार को ही जेल में घनश्याम से मिलने गए थे और उस वक्त वह बिल्कुल ठीक-ठाक था। परिजनों ने निम्नलिखित गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- मंगलवार को पूरी तरह स्वस्थ दिखने वाला बेटा अचानक अगले ही दिन फांसी कैसे लगा सकता है?
- इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद कोई भी वरिष्ठ जेल अधिकारी या जेल अधीक्षक अस्पताल क्यों नहीं पहुंचे?
- जब पूरे जेल परिसर में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगे हैं, तो यह पूरी घटना उसमें दर्ज क्यों नहीं हुई?
उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग
कड़े सुरक्षा घेरे के बावजूद जेल के अंदर बंदी द्वारा फांसी लगा लेने की बात पर परिजनों ने अविश्वास जताया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पूरे मामले की किसी निष्पक्ष एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
