लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती किए जाने के बाद पटना में राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस फैसले के विरोध में राबड़ी देवी के सरकारी आवास के बाहर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी हुई है, जबकि मंत्री श्रवण कुमार ने इसे नियमों के तहत लिया गया फैसला बताया है।
राबड़ी आवास के बाहर डटे राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता
बिहार में लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में अचानक उबाल आ गया है। इस प्रशासनिक बदलाव के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पटना स्थित सरकारी आवास के बाहर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई है। सुरक्षा के मानकों में किए गए इस बदलाव को लेकर पार्टी समर्थकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लगातार आवास के बाहर डेरा डाले हुए हैं।
सुरक्षा श्रेणी वापस करने के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
राज्य सरकार द्वारा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए जाने के बाद से यह विवाद और अधिक गहरा गया है। इस फैसले से पहले ही तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी ने अपनी Y+ श्रेणी की सुरक्षा को राज्य सरकार को वापस कर दिया था। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद से ही बिहार के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर काफी तेज हो गया है।
तय मानकों के अनुसार हुआ फैसला: मंत्री श्रवण कुमार
दूसरी तरफ, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने इस पूरे विवाद पर सरकार का आधिकारिक पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी विशिष्ट व्यक्ति की सुरक्षा व्यवस्था तय मानकों और स्थापित नियमों के अनुसार ही निर्धारित की जाती है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी व्यक्ति को अपने पास सुरक्षा रखना है या नहीं रखना है, यह पूरी तरह से उनका अपना निजी निर्णय होता है।
लालू प्रसाद यादव के पटना लौटने पर गरमा सकता है माहौल
इस जारी राजनीतिक घमासान के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के रविवार को सिंगापुर से वापस पटना लौटने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों और जानकारों का मानना है कि उनके पटना आगमन के बाद इस सुरक्षा कटौती के मामले को लेकर बिहार का राजनीतिक घटनाक्रम और ज्यादा गरमा सकता है। फिलहाल राबड़ी आवास के बाहर सुरक्षाकर्मियों और राजद कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
