गोपालगंज-बेतिया महासेतु भारी वाहनों के लिए बंद, सफर 120 किमी बढ़ा

गोपालगंज-बेतिया जादोपुर-मंगलपुर महासेतु पर तकनीकी खराबी के बाद प्रशासन द्वारा की गई बैरिकेडिंग।

गोपालगंज और पश्चिम चंपारण को जोड़ने वाले जादोपुर-मंगलपुर महासेतु को तकनीकी खामी के कारण भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। पुल के स्पैन में 7 से 9 इंच का अंतर आने के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बड़े वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

जादोपुर-मंगलपुर महासेतु के स्पैन में आया बड़ा गैप

बिहार में गोपालगंज और पश्चिम चंपारण जिलों को आपस में जोड़ने वाले जादोपुर-मंगलपुर महासेतु में एक गंभीर तकनीकी खामी उजागर होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। पुल के मुख्य स्पैन के बीच लगभग 7 से 9 इंच तक का अंतर (गैप) देखा गया है। इस सुरक्षा जोखिम को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पुल से भारी वाहनों के गुजरने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुल के दोनों प्रवेश द्वारों और रास्तों पर मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है।

डुमरिया घाट मार्ग से भेजे जा रहे वाहन, बढ़ी परेशानी

महासेतु पर बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित होने के कारण परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। अब पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण और बगहा की तरफ जाने वाले सभी भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग के रूप में डुमरिया घाट पुल की ओर डायवर्ट (परिवर्तित) कर भेजा जा रहा है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस वैकल्पिक मार्ग के उपयोग के चलते अब यात्रियों और वाणिज्यिक वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग 120 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और ईंधन दोनों का भारी नुकसान हो रहा है।

निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव पर खड़े हुए गंभीर सवाल

उल्लेखनीय है कि इस महासेतु का निर्माण करीब 550 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से किया गया था। वर्ष 2015-16 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस महत्वाकांक्षी पुल का औपचारिक उद्घाटन किया गया था। इस पुल के चालू होने से सुदूर दियारा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों गांवों के स्थानीय निवासियों के लिए जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों तक आवागमन बेहद सुगम हो गया था। हालांकि, पुल के स्पैन में इतनी बड़ी तकनीकी खराबी आने के बाद इसके निर्माण की गुणवत्ता और समय-समय पर किए जाने वाले सरकारी रखरखाव की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

विशेषज्ञों की टीम करेगी पुल की विस्तृत तकनीकी जांच

पुल के हिस्सों में दरार और स्पैन खिसकने जैसी प्रारंभिक स्थिति की सूचना मिलते ही गोपालगंज जिला प्रशासन की टीम ने तुरंत घटना स्थल का निरीक्षण किया। गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच के दौरान स्पैन के बीच में गैप पाए जाने की पुष्टि हुई है। इसी के चलते सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए भारी वाहनों का परिचालन बंद कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब बहुत जल्द विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय तकनीकी टीम द्वारा पूरे पुल की बारीकी से जांच की जाएगी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक मरम्मत कार्य और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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