जर्मनी के बर्लिन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रवासी भारतीयों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय अपने शांतिपूर्ण और अनुशासित व्यवहार के कारण विदेशों में सम्मान पाते हैं और वे सड़कों पर तोड़फोड़ या अशांति नहीं फैलाते हैं।
पीयूष गोयल ने बर्लिन में भारतीय समुदाय को किया संबोधित
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इन दिनों जर्मनी और नीदरलैंड के छह दिवसीय दौरे पर हैं। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने विदेशों में बसे भारतीयों की जमकर सराहना की। गोयल ने कहा कि भारतीय अपने शांतिपूर्ण व्यवहार, कड़ी मेहनत और मजबूत पारिवारिक मूल्यों के कारण विदेशों में ऊंचा सम्मान हासिल करते हैं। इस दौरान उन्होंने यूरोप के कुछ हिस्सों में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से टिप्पणी की।
बर्लिन में भारतीय समुदाय से बातचीत के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि विदेशों में भारतीयों की पहचान उनके अनुशासित और शांतिपूर्ण आचरण से बनती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग भारतीय समुदाय का स्वागत करते हैं और समाज में उनके योगदान को पूरा महत्व देते हैं।
‘भारतीय तोड़फोड़ में विश्वास नहीं रखते’
पीयूष गोयल ने कहा, “एक जरूरी बात यह है कि इस देश में आपकी कितनी इज्जत की जाती है। अच्छी बात यह है कि यहां आपकी बहुत जरूरत है और आपका बहुत स्वागत है। वे जानते हैं कि आप तोड़फोड़ नहीं करते। वे जानते हैं कि आप सड़कों पर जाकर समाज में गड़बड़ी नहीं करते, जैसा कि हम यूरोप के दूसरे हिस्सों में देख रहे हैं।” उनके इस बयान को विदेशों में भारतीय समुदाय की सकारात्मक छवि और अनुशासित जीवनशैली से जोड़कर देखा जा रहा है।
भारतीय छात्रों की मदद करने की अपील
अपने संबोधन के दौरान पीयूष गोयल ने विदेशों में रह रहे स्थापित भारतीयों से जर्मनी आने वाले नए भारतीय छात्रों की मदद करने की भी अपील की। उन्होंने विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से ताल्लुक रखने वाले छात्रों का सहयोग करने पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि विदेश में पढ़ाई और अपने जीवन की नई शुरुआत करने वाले छात्रों को नए माहौल में ढलने के लिए मार्गदर्शन और सहयोग की आवश्यकता होती है। वहां पहले से रह रहे भारतीय प्रवासी उनकी मदद कर सकते हैं और उन्हें शुरुआती चुनौतियों से निपटने में संबल प्रदान कर सकते हैं।
गोयल ने विदेशों में काम करने वाले भारतीय कामगारों की ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण की भी सराहना की।
