छत्तीसगढ़ बीजेपी के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक प्रदर्शन में शामिल Gen-Z कंटेंट क्रिएटर उर्वशी पलांडुरकर की तस्वीर का इस्तेमाल ‘बाबर की विरासत’ लिखकर किए जाने पर छात्रा ने करारा जवाब दिया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो गया।
रायपुर में बीजेपी के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर गरमाया राजनीतिक माहौल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा एक मामला छत्तीसगढ़ में राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की छत्तीसगढ़ इकाई ने प्रदर्शन के दौरान डांस करने वाली कंटेंट क्रिएटर और डांसर उर्वशी पलांडुरकर के वीडियो का इस्तेमाल करते हुए एक तुलनात्मक पोस्ट साझा की थी, जिस पर अब जमकर बहस छिड़ गई है।
‘बाबर की विरासत’ कैप्शन्स पर भड़का विवाद
बीजेपी छत्तीसगढ़ के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से दो तस्वीरों वाला एक पोस्ट साझा किया गया था। इसमें एक तरफ उर्वशी की तस्वीर के साथ ‘बाबर की विरासत पर ठुमके लगाने वाले Gen Z’ लिखा गया, जबकि दूसरी तरफ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित एक छात्रा की तस्वीर के साथ ‘छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाले Gen Z’ लिखा गया। इस पोस्ट में जनता से पूछा गया था कि वे किस सोच वाले Gen Z को चुनेंगे।
छात्रा ने दिया तार्किक जवाब, बोर्ड में 93 प्रतिशत अंक का दिया हवाला
बिना अनुमति वीडियो के इस्तेमाल पर उर्वशी पलांडुरकर ने एक वीडियो जारी कर सिलसिलेवार तरीके से बीजेपी के नैरेटिव का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें 10वीं और 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में 93 प्रतिशत अंक मिले थे। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ डांस, योग और कंटेंट क्रिएशन जैसी गतिविधियां एक साथ की जा सकती हैं और केवल एक वीडियो क्लिप से किसी की पहचान तय नहीं की जा सकती।
विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं और बढ़ता मामला
उर्वशी का जवाब सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों तक पहुंचा, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी। शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता बी. वी. श्रीनिवास और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने छात्रा के समर्थन में अपनी बात रखी और विपक्षी नेताओं ने इस पर तीखे तंज कसे।
